REWA अमहिया गोलीकांड : इंदौर के शूटर ने ली थी दो लाख की सुपारी : इंदौर के पांच अन्य बदमाशों के नाम आए सामने


ऋतुराज द्विवेदी,रीवा. दिनदहाड़े पैरोल पर छूट कर आए कैदी पर हत्या की नियत से फायर करने की घटना में पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एक आरोपी रिमांड में आया है जिसने घटना से जुड़े अहम राज उगले हैं। उसने जानकारी दी कि इंदौर के शूटर ने दो लाख में सुपारी ली थी। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर गोली कांड में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

डबल मर्डर के आरोप में जेल में बंद जावेद उर्फ जद्दू खान निवासी अमहिया पैरोल पर छूटकर आया था जिस पर बाइक सवार दो बदमाशों ने फायर किया था। उसे गोली मारकर दोनों बदमाश फरार हो गए थे। इस घटना को अंजाम देने वाला एक शूटर जफर सुपाड़ी निवासी इंदौर को इंदौर पुलिस ने आम्र्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया था जो प्रोटेक्शन वारंट पर रीवा आया है। शूटर को फिलहाल अमहिया पुलिस ने रिमांड में लिया है। घटना में कई अन्य आरोपियों के नाम सामने आए है।

बताया गया है कि हत्या के लिए दो लाख रुपए की सुपारी दी गई थी। दरअसल युवक पर गोली चलाने में जफर सुपाड़ी के अलावा अकील काला निवासी इंदौर शामिल था। जफर सुपाड़ी बाइक चला रहा था और अकील काला ने युवक पर फायर किया था। युवक को गोली मारने के बाद दोनों शूटर फरार हो गए जिन्होंने बाद में बाइक को छोड़ दिया था और इंदौर चले गए थे। घटना के पूर्व इंदौर से इमरान खान और गोलू नाम के दो युवक आए थे जिन्होंने घटना को अंजाम देने के लिए पूरी फील्डिंग लगाई थी।

घटना कैसे अंजाम देना है और उसके बाद कैसे फरार होना यह पूरी योजना इन्होंने ही तैयार करवाई थी। उसके बाद दोनों युवक वापस चले गए थे। दोनों शूटर घटना को अंजाम देने के लिए रीवा में ही रुक गए थे। उनको इरशाद के पोखरी टोला स्थित घर में रोका गया था जहां से उन्होंने कुछ दिन तक जावेद की गतिविधियों को समझा और फिर उसे गोली मारकर फरार हो गए। शूटर उसकी हत्या करने के लिए आए थे लेकिन गोली सही जगह पर नहीं लगी थी। फिलहाल उक्त आरोपी से वारदात में प्रयुक्त पिस्टल भी पुलिस बरामद करेगी।

इरशाद की मां ने दी थी हत्या की सुपारी
शूटरों की हत्या की सुपाड़ी मुख्य सरगना इरशाद अली की मां ने दी थी। दो लाख रुपए की सुपारी दी गई थी जिसमें बतौर एडवांस बीस हजार रुपए शूटरों को दिये गये थे और बाकी रुपए काम होने के बाद देने का वायदा किया गया था। हालांकि शूटरों के मुताबिक उनको बीस हजार के अलावा एक भी रुपए नहीं मिले है। इस मामले में इरशाद की मां पहले नामजद हो चुकी है। उसकी पुन: भूमिका सामने आने के बाद पुलिस नए सिरे से जांच कर रही है।

एक माह पूर्व रची गई थी हत्या की साजिश
इस पूरी घटना की साजिश माहभर पूर्व रची गई थी। आरोपियों को उक्त कैदी के पैरोल पर आने की जानकारी दी थी जिसके बाद उसने हत्या की साजिश रची थी। इरशाद ने जेल में बंद इंदौर के शातिर बदमाश साबिर खान के साथ मिलकर साजिश रची थी। साबिर खान ने ही इंदौर के अपने गुर्गो के नाम उसे बताए थे जिन्होंने घटना को अंजाम देने के लिए दो लाख की सुपारी ली थी।
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