REWA : तिरंगे में लिपटा रीवा के शहीद जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव : अंतिम दर्शन को उमड़े लोग


रीवा. ड्यूटी के दौरान रीवा का जवान जम्मू में शहीद हो गया था। सात दिन बाद शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव मझिगवां लाया गया। तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर जब गांव पहुंंचा तो हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। नम आंखों से लोगों ने अपने लाडले को अंतिम विदाई दी। उधर परिजनों के ऊपर जैसे दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता व भाई की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी।



जानकारी के अनुसार जिले के ग्राम पंचायत मझिगवां निवासी जवान बीरेंद्र कुशवाहा पिता स्व. मनिकलाल कुशवाहा (24) 9 मार्च को जम्मू कश्मीर के लेह इलाके में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन के कारण शहीद हो गए थे। बर्फ का बड़ा टुकड़ा उनके ऊपर आ गिरा था। उनको तत्काल सेना के अस्पताल लाया गया जहां उनका निधन हो गया। बीरेन्द्र कुशवाहा ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

शहीद बीरेन्द्र कुशवाहा 18 जनवरी 2016 को सेना में भर्ती हुए थे। सिकंदराबाद में ट्रेनिंग के बाद उसकी पोस्टिंग लेह जम्मू कश्मीर में की गई थी। वह जनवरी माह में छुट्टी में घरआये थे और 25 जनवरी को उसने लेह जाकर ड्यूटी ज्वाइन किया था। 8 मार्च को उसने भाई से आखिरी बार फोन पर बात की थी। लेकिन 9 मार्च को उनके शहीद होने की खबर घर आई था। यह खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसरा रहा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।


रविवार को सुबह जैसे ही पार्थिव शरीर मझगवां गांव पहुंचा उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग टूट पड़े। सभी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। वीर जवान को अंतिम विदाई के अवसर पर त्योंथर एसडीएम एमपी बरार, नायब तहसीलदार सतीश सोनी, सोहागी थाना प्रभारी कन्हैया सिंह बघेल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्र के हजारों नागरिक मौजूद रहे।

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