REWA : सिटी बसों के चलने के नियमों का नहीं हो रहा पालन, शहरवासियों को आवागमन की नहीं मिल पा रही सुविधा



रीवा। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए जाने के लिए सूत्र सेवा की बसों का संचालन रीवा में भी शुरू किया गया है। अमृत योजना के तहत नगर निगम इस का संचालन कर रहा है। शहर में २३ बसें चलाने के लिए एक क्लस्टर का टेंडर होने के बाद अनुबंध भी हो चुका है। करीब डेढ़ वर्ष से इस क्लस्टर की बसें चल रही हैं, पहले पांच और फिर छह बसें लाई गई। इस तरह से अब तक शहर में महज ११ सूत्र सेवा की बसें चल रही हैं। बस आपरेटर्स और नगर निगम के बीच अनुबंध हुआ था कि जो रूट निर्धारित है, उसमें संख्या के अनुसार बसें चलाई जाएंगी। करीब डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अब तक निर्धारित बसें सड़क पर नहीं उतारी जा सकी हैं। 

इन बसों के चलने से शहर में लोगों को आवागमन की सुविधा का लाभ भी मिला है लेकिन निर्धारित बसें नहीं चलने की वजह से परेशानी भी हो रही है। पर्याप्त बसें नहीं चलने से आटो चालकों की मनमानी भी शहर में चरम पर है। ये अपनी इच्छा के अनुसार सवारियों से रुपए वसूल रहे हैं।१०० दिन के भीतर सभी बसें चलाने की थी शर्तनगर निगम ने बस आपरेटर्स तिवारी कोच से सिटी बसों के संचालन के लिए यह शर्त रखा था कि अनुबंध से १०० दिन के भीतर क्लस्टर में निर्धारित सभी २३ बसों का संचालन अनिवार्य रूप से करना होगा। इसके लिए समय समय पर निगम की ओर से बस आपरेटर को निर्देश भी दिए जाते रहे हैं लेकिन उनका पालन अब तक नहीं हुआ है। 

बताया गया है कि सितंबर २०१८ में शहर में सूत्र सेवा की सिटी बसें चलाने की शुरुआत हुई थी।अन्य क्लस्टर का अब तक नहीं हो सका टेंडरनगर निगम ने अमृत योजना के तहत सिटी बसें चलाने के लिए तीन क्लस्टर में इसे बांटा है। जिसमें से एक क्लस्टर का ठेका हो चुका है और दो में प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। जिस क्लस्टर का टेंडर फाइनल हुआ है उसमें २३ बसें चलाए जाने का प्रावधान है। दो अन्य सेमेस्टर में १८ और १९ की संख्या में बसें चलाई जाएंगी। 

पूर्व में यह योजना व्यापक थी लेकिन बस आपरेटर्स द्वारा तैयार नहीं होने की वजह से सभी क्लस्टर से इन बसों की संख्या और रूट को कम किया गया। दो तरह की बसें चलाने का है प्रावधानअमृत योजना के तहत चलाई जा रही बसों में अभी एक क्लस्टर का ही टेंडर हुआ है जिसमें 23 बसें चलाने का प्रावधान रखा गया है। इस क्लस्टर में दो तरह की बसें चलाने की शर्तें रखी गई हैं। मिडी बस जिसमें 34 सीटें होती हैं और वह हरे रंग की होना चाहिए, हालांकि पहले चरण में जो बसें लाई गई हैं उनमें बसों के रंगों का पालन नहीं किया जा रहा है। वहीं स्टैंडर्ड बसों में 52 सीटों की व्यवस्था होगी और इनका रंग नीला होगा। इसमें 11 बसें शहर के भीतर चलाना है। जिसमें न्यू बस स्टैंड से शहर का भ्रमण करते हुए पीटीएस चौराहे तक छह बसें और रेलवे स्टेशन से रतहरा तक पांच बसें चलाने का प्रावधान है। इसके अलावा जबलपुर और छतरपुर के लिए भी सिटी बसें सवारी लेकर जाएंगी।

निर्धारित स्टापेज का भी पालन नहीं हो रहा
सिटी बसों के लिए जो रूट और स्टापेज शहर में चिन्हित किए गए हैं, उनका भी पालन होता नहीं दिख रहा है। जो बसें चल रही हैं, वह अपनी मर्जी के अनुसार ही खड़ी हो रही हैं। इनके लिए निगम द्वारा जो स्टापेज निर्धारित किए गए हैं उसमें प्रमुख रूप से शहर के भीतर न्यू बस स्टैंड से चलने वाली बस बजरंग नगर, सिरमौर चौक, कॉलेज चौराहा, शिल्पी प्लाजा, स्वागत भवन, कलामंदिर, हॉस्पिटल चौक, धोबियाटंकी, पीटीएस चौक आदि स्थानों पर सवारियों के लिए खड़ी किए जाने का निर्देश है। वहीं रेलवे स्टेशन से चलने वाली स्टेशन मोड़, ट्रांसपोर्ट नगर, एजी कॉलेज तिराहा, जेपी मोड़, पडऱा, ढेकहा तिराहा, इको पार्क, जयस्तंभ, पुराने बस स्टैंड के सामने, कलेक्ट्रेट, मार्तण्ड स्कूल तिराहा, कॉलेज चौक, सिरमौर चौक, बजरंग नगर, न्यू बस स्टैंड, समान, होटल लैंडमार्क, रतहरा आदि स्थानों पर स्टापेज बनाया गया है।

टेंडर निरस्त करने का दिया नोटिस
बस आपरेटर द्वारा निधारित शर्तों के अनुसार बसों का संचालन नहीं करने की वजह से नगर निगम ने एक बार फिर से नोटिस जारी किया है। जिसमें कह ा गया है कि टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा। निगम के चीफ आपरेटिंग आफिसर मुरारी कुमार ने बताया कि कई बार सब आपरेटर को नोटिस जारी कर निर्धारित बसें चलाने के लिए कहा गया है लेकिन अभी तक ११ बसें ही चलाई जा रही हैं। इस वजह से अब टेंडर निरस्त करने के लिए भी चेतावनी दी जा रही है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

बीएस 6 वाहन नहीं मिलने का बहाना
इनदिनों सरकार ने बीएस 4 वाहनों वाहनों का पंजीयन आगामी एक अप्रेल के बाद प्रतिबंधित करने का आदेश जारी कर दिया है। अब बीएस 6 वाहनों का ही पंजीयन होगा। बस आपरेटर ने निगम अधिकारियों से कहा है कि बीएस ६ वाहन अभी मार्केट में कम संख्या में आए हैं। इस वजह से बसें नहीं मिल पा रही हैं। इस पर निगम के अधिकारियों का दावा है कि आगामी अप्रेल महीने से टेंडर के अनुसार निर्धारित की गई सभी बसें शहर में दौडऩे लगेंगी।
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