WOMEN'S DAY : रीवा की बेटी कैप्टन बनकर श्रीनगर में संभाल रही मोर्चा : आइये जानते है इनके सफलता की कहानी


रीवा. अनुशासन और हौंसले का दूसरा नाम है कैप्टन आरती पटेल। वह अपने जब्बे और जुनून से महिलाओं के लिए गौरव बन गई है। आरती को अनुशासन और देश सेवा विरासत में मिली है। वह अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी से सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने उतरी है। मजबूत इरादों के दम पर रीवा के महसांव की बेटी इंडियन आर्मी में बतौर कैप्टन श्रीनगर के अखनूर में देश के लिए सेवाएं दे रहीं हैं।


पिता के सपने को किया पूरा
रीवा जिले के गुढ़ तहसील के महसांव गांव की रहने वाली आरती के पिता धर्मेन्द्र कुमार पटेल भी कैप्टन हैं। पिता चाहते थे कि मेरे बाद देश सेवा के लिए घर का बेटा या बेटी इंडियन आर्मी में भर्ती होकर देश की सेवा करें। बेटी आरती ने पिता के इस सपने को पूरा करने के लिए ठान लिया। आरती ६ से 10 तक नवोदय विद्यालय सिरमौर में पढ़ी।



कैप्टन आरती इंदौर में की थी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई 
कैप्टन आरती इंदौर में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की। भोपाल में रहकर पीजीडीसीए किया। इससे पहले कक्षा पांच तक की पढ़ाई गांव में रहकर की थी। आरती को मई 2017 में वह मुकाम हासिल हो गया। जो पिता चाहते थे। वर्तमान समय में आरती श्रीनगर स्थित कमांड हॉस्पिटल में बतौर कैप्टन के पद पर सेवाएं दे रही है। आरती के पिता सागर में बतौर कैप्टन सेवा दे रहे हैं।

बहन से प्रेरणा ले तैयारी में भाई भी जुटे
मध्य प्रदेश के सागर में इंडियन आर्मी में बतौर कैप्टन सेवाएं दे रहे धर्मेन्द्र कुमार पटेल के दो बेटे हैं। एक बेटी ने सपना पूरा कर दिया। अब बेटी की सफलता के बाद बेटे भी बहन की सफलता से सबक लेकर आर्मी में जाने की तैयारी में जुट गए हैं। बड़ा बेटा दिवाकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद इंडियन आर्मी की परीक्षा की तैयारी में जुटा है। जबकि छोटा भाई पुष्कर पटेल कक्षा ९वीं की पढ़ाई कर रहा है। आरती की मां पार्वती रीवा में परिवार के साथ रह रहीं हैं।
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