REWA : तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते सहायक पंजीयक गिरफ्तार, इस कार्य के बदले ले रहा था रिश्वत


रीवा. लोकायुक्त की टीम ने एक बार फिर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर कार्यालय में हुई है। जहां पर फर्म एवं सोसायटी कार्यालय के प्रभारी सहायक पंजीयक डीआर बसंत को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। आरोपी ने यह रिश्वत एक एनजीओ के दस्तावेजों में संशोधन करने के बदले बदले मांगी थी। बीते कई महीने से शिकायत कर्ता रजनीश कुशवाहा को भटकाया जा रहा था। आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को नियमों में उलझा रहा था और रिश्वत के लिए दबाव बना रहा था।

एनजीओ के कार्य क्षेत्र में वृद्धि किए जाने और वायलाज में कुछ संशोधन कराने की मांग उठाई गई थी। जिस पर लगातार सहायक पंजीयक फाइल को दबाने का प्रयास करता रहा है। इसकी शिकायत गत दिवस लोकायुक्त एसपी से की गई थी। जहां से कार्रवाई के लिए एक टीम भेजी गई और तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए सहायक पंजीयक डीआर बसंत को पकड़ा गया है।

इस कार्रवाई के बाद कलेक्टर कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय बंद होने के कुछ समय पहले ही कार्रवाई की गई। जिसके चलते जैसे ही कार्रवाई की सूचना मिली, सभी विभागों के कार्यालय बंद कर दिए गए। जिस कार्यालय में यह कार्रवाई हुई, वह कलेक्टर के चेंबर के ठीक ऊपर लगता है। इसके पहले भी कलेक्टर कार्यालय में कई अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े जा चुके हैं। इसके बावजूद रिश्वतखोरी में कोई कमी नहीं आ रही है। रिश्वत लेते हुए पकड़े गए आरोपी डीआर बसंत के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम १९८८ की धारा ७(क) और संशोधित अधिनियम २०१८ के तहत मामला दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता रजनीश कुशवाहा निवासी खैरहन ने बताया कि उनकी भरोसा सेवा समिति नाम की संस्था है। इसका कार्यक्षेत्र पहले जनपद पंचायत सिरमौर क्षेत्र तक सीमित था। साथ ही संस्था के उद्देश्य भी पहले सीमित थे, उनमें भी वृद्धि करने की योजना थी। इसलिए फर्म एवं सोसायटी कार्यालय में आवेदन किया था। संस्था का कार्यक्षेत्र पूरा भारत वर्ष कराना था।

इसके लिए पंजीयन कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज सौंपे थे लेकिन प्रभारी सहायक पंजीयक डीआर बसंत लगातार नोटिस देकर बुलाता रहा और हर बार रिश्वत की बात करता रहा। जिसकी वजह से शिकायतकर्ता ने परेशान होकर इसकी शिकायत लोकायुक्त एसपी के पास कर दी। जहां पर टीम भेजकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़वाया गया।- पांच हजार रुपए की कर रहा था मांगदस्तावेजों में संशोधन करने के बदले आरोपी अधिकारी पहले पांच हजार रुपए की मांग कर था।

जब शिकायतकर्ता ने कहा कि वह सामाजिक क्षेत्र में काम करता है और गांवों में लोगों की नि:शुल्क सेवा करने की वजह से रुपए नहीं मिलते। कई दिनों तक चली इस चर्चा के बाद आरोपी तीन हजार रुपए में तैयार हो गया। इसके लिए सायं जब कार्यालय बंद होता है उस दौरान रुपए लेकर बुलाया था। तीन हजार रुपए जैसे ही शिकायतकर्ता ने दिए, पीछे से मौजूद लोकायुक्त की टीम ने कार्यालय में पहुंचकर धर दबोचा।

बताया जा रहा है कि आरोपी हर पंजीयन से जुड़े कार्य में रिश्वत के लिए लोगों को परेशान करता रहा है। इसकी शिकायतें भी कई बार हुई लेकिन प्रशासनिक रूप से कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपी मूल रूप से छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का रहने वाला है। यहां पर शहर के सिविल लाइन में सरकारी आवास पर रहता है।
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