REWA : कृषि विज्ञान केन्द्र में किसानों को उन्नत खेती की हेतु दो दिवसीय कार्यशाला व प्रदर्शनी का शुभारंभ



रीवा. कृषि विज्ञान केन्द्र में दो दिवसीय कार्यशाला एवं कृषक मेले का शुभारंभ हुआ। पहले दिन बतौर मुख्य अतिथि कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उद्यानिकी फसलों, फूल, एवं सब्जियों की प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। कमिश्नर ने प्रदर्शनी में रखे किसानों के उत्पादों की सराहना की। उन्होंने यहां कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा बनाए गए पॉली हाउस में टमाटर के उत्पादन का भी निरीक्षण किया।


मेले में कमिश्नर ने किसानों को उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जिले के किसान अन्य जिलों के किसानों से कम नहीं हैं। हमारे किसान ब्रम्हा, विष्णु एवं महेश की समन्वित भूमिका का निर्वहन करते हैं। किसान त्याग, परिश्रम एवं विपरीत परिस्थितियों में भी कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलें हमारी पोषण क्षमता को बढ़ाती हैं। हमारे भोजन में इन्द्रधनुष की तरह सात रंगों का समावेश होगा तो हम स्वस्थ रह सकेंगे। उद्यानिकी फसलें पर्यावरण को संरक्षित करती हैं।


उद्यानिकी फसलों से रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को फल-सब्जियां खिलाकर उनमें खून की कमी दूर की जा सकती है। विभिन्न प्रकार के विटामिन, मिनरल, प्रोटीन जैसे पोषक तत्व फल और सब्जियों से ही प्राप्त होते हैं। शरीर और बुद्धि का विकास करने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। उद्यानिकी फसलें सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने का साधन मात्र नहीं हैं बल्कि यह हमें पोषक तत्व भी प्रदान करती हैं। उन्होंने किसानों को मिट्टी परीक्षण कराने एवं शासन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ उठाने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की जड़े खेती पर ही निर्भर हैं। उन्होंने पशुपालन को बढ़ावा देने और ऐरा प्रथा के खिलाफ जागृति लाने की भी समझाइश दी। कलेक्टर बंसत कुर्रे ने कहा कि फसलों के उत्पादन में मौसम की बहुत बढ़ी भूमिका होती है।
Powered by Blogger.