REWA : टैक्स वसूली के लिए अवकाश के दिन भी मैदान में फिर उतरा निगम का अमला


रीवा। नगर निगम द्वारा टैक्स वसूली को लेकर चलाए जा रहे अभियान का एक बार फिर असर दिखा। सुबह से ही वार्डों में निगम के अधिकारियों द्वारा भ्रमण शुरू कर राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई। इसका सुपरवीजन करने के लिए निगम के बड़े अधिकारियों को भी कहा गया था। आयुक्त ने स्वयं कई अधिकारियों को फोन लगाकर उनका लोकेशन पूछा और वसूली की स्थिति का जायजा लिया। एक दिन पहले ही निगम आयुक्त ने करीब दर्जन भर की संख्या में अधिकारियों को नोटिस जारी कर कम मात्रा में हो रही वसूली का कारण पूछा था। 

जिसमें कइयों को निलंबित करने और कुछ की वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोके जाने की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही निगम के सभी जोन प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वार्डों में सुबह नौ बजे से भ्रमण कर अधिक से अधिक राशि की वसूली कराने का कार्य करें। आयुक्त की इस चेतावनी का असर दिखा, कई वार्डों में निगम के अधिकारी और कर्मचारी भ्रमण करते नजर आए। साथ ही तय किया गया है कि जिन स्थानों पर बड़े बकायादार हैं उनके यहां वसूली के लिए कई अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम एक साथ जाएगी और यदि राशि जमा नहीं करते तो उनके यहां तालाबंदी की जाएगी। 

इसके लिए लगातार मोहल्लों में एनाउंस भी करने के लिए कहा गया है। इसके पहले भी अभियान चलाकर तालाबंदी कराई गई थी, जिसकी वजह से तेजी के साथ टैक्स की वसूली हुई थी। मार्च महीना वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना है इस वजह से राजस्व वसूली का जो टारगेट दिया गया है उसे हर हाल में पूरा करने का निर्देश जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि निगम में इनदिनों वेतन भुगतान को लेकर भी बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही है। कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। चुंगी क्षतिपूर्ति सहित अन्य मदों से मिलने वाली सरकार की सहायता भी रोक दी गई है। जिसकी वजह से समय पर कर्मचारियों को वेतन नहीं दी जा रही है। इसके लिए निगम आयुक्त ने अधिकारियों से कहा है कि अधिक से अधिक वसूली कराएं ताकि सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान किया जा सके। पूर्व के अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में लोन लिया था, जिनके भुगतान किए जाने का समय आ गया है। इस वजह से सरकार ने उक्त लोन की किश्त काटना शुरू कर दिया है।

सोलह लाख रुपए की वसूली हुई

निगम के सभी जोन में वसूली की मात्रा बढ़ाने के लिए अधिकारी, कर्मचारियों को भेजा गया था। देर शाम तक निगम के कोष में 15.63 लाख रुपए जमा कराए गए हैं। बताया जा रहा है कि ३१ मार्च तक हर दिन ५० लाख रुपए का टारगेट निगम ने वसूली का रखा है। निर्माण एवं अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों को भी राजस्व वसूली में उतारा गया है।
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