REWA : नाबालिग चचेरे भाई ने मासूम को उतारा था मौत के घाट, गला दबाकर कर दी थी हत्या


रीवा। पारिवारिक रंजिश के चलते साढ़े 6 वर्ष के मासूम दुर्गेश कुमार कोल पिता अरुण कुमार कोल निवासी मंगडौर थाना डभौरा की गला दबा कर उसके चचेरे नाबालिग भाई ने ही मौत के घाट उतार दिया था। 17 वर्ष की आयु में जिस तरह से नाबालिग ने मासूम बच्चे की हत्या की कहानी रची उसे सुनकर हर कोई हैरान है। पुलिस ने हत्या मामले में आरोपित को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला पंजीबद्घ कर उसे बाल न्यायालय में पेश किया। घटना जिले के डभौरा थाना अंतर्गत मंगडौर गांव की है जहां शुक्रवार की रात हत्या की घटना को आरोपित ने अंजाम दिया था और शनिवार को तलाश करने के दौरान आरोपित ने ही शव को गांव वालों के साथ ले जाकर मां की गोद में रख दिया था। खास बात ये रही कि घटना के बाद से ही वह गांव वालों के साथ मृतक बालक के शव की तलाश करने में लगा रहा।
गला दबाकर उतारा था मौत के घाट
हत्या मामले का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी शिव कुमार वर्मा ने बताया कि हत्या का आरोपित नाबालिग है और 17 वर्ष की उम्र में ही उसने साढ़े 6 वर्ष के मासूम दुर्गेश की गला घोटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम घर के बाहर दुर्गेश अपने साथियों के साथ खेल रहा था इसी बीच आरोपित उसे बहला- फुसलाकर गांव के ही पूर्व सरपंच गौरी शंकर शुक्ला के खंडहर नुमा पुराने घर में ले गया और मासूम के हाथ- पैर साड़ी के कटे हुए हिस्से से बांध दिए और गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के बाद वह शव वहीं छोड़कर घर चला गया और जब देर रात तक मासूम घर नहीं पहुंचा तो गांव के लोगों के साथ वह भी मासूम की तलाश में शामिल रहा। बच्चे के पता न लगने के बाद आरोपित शनिवार की अलसुबह लगभग 4 बजे एक बार फिर खंडाहर नुमा घर पहुंचा और शव को अपने कंधे में रखकर गांव के पास खदान में बने हुए तालाब के गड्ढे में फेंकर दिया। बच्चे का पता न चलने पर शनिवार को स्वजन उसकी तलाश करते रहे और फिर इसकी सूचना पुलिस को दी। दिन भर चली तलाश और पुलिस की बढ़ती सरगर्मी को देख आरोपित गांव वालों के साथ बचचे को तलाश करता हुआ उक्त खदान में बने तालाब की ओर लेकर गया जहां गड्ढे में शव होने की बात कहते हुए उसने खुद बच्चे के शव को बाहर निकालकर गांव लेकर आया।
ऐसे खुला मामला
हत्या मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस द्वारा गांव में सघन सर्चिंग करने के साथ ही उक्त युवक से भी पूछताछ की और पूछताछ के बीच उसने न सिर्फ अपना गुनाह कबूल कर लिया बल्कि घटनास्थल से बच्चे के शरीर में बांधे गए कपड़े भी बरामद करवाए।
पारिवारिक रंजिश बनी कारण
हत्या के आरोपित ने पुलिस को बताया कि खेल के दौरान मृतक बच्चे के द्वारा की जाने वाली गल्तियों को लेकर जब भी वह आपत्ति करता था तो उसकी मां अक्सर मासूम बच्चे की बजाए उसे ही डांट फटकार लगाती थी। यह बात उसे इतनी नागवार लगी कि उसने बच्चे को ही दुनिया से हटाने का मन बना लिया और पूर्व से ही अपनी ही मां की साड़ी के कई टुकडे काटकर खंडहरनुमा घर में रख दिए थे। जहां बच्चे को ले जाकर उसका मुंह व हाथ- पैर बांधकर उसने घटना को अंजाम दिया।
Powered by Blogger.