REWA : बघेली बोली की इस लड़की का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जानिए गांव से लेकर मुंबई तक का सफर


ऋतुराज द्विवेदी,रीवा। जिस क्षेत्रीय बोली बघेली को बोलने पर लोग कम पढ़ाई होने का आंकलन अब तक करते रहे हैं, आज उसी को सुनने के लिए बेताब हो रहे हैं। गांव के साधारण परिवार की जीवन शैली को वीडियो के जरिए चित्रण क्षेत्र ही नहीं दुनिया के कई हिस्सों तक पहुंचाने का काम किया है। इस कलाकार का नाम पूजा तिवारी है।

बघेली को सोशल मीडिया के जरिए करोड़ों लोगों तक पहुंचाने वाली पूजा बरौं गांव के एक साधारण परिवार में जन्मी थी। बैकुंठपुर के सरकारी स्कूल में प्रारंभिक पढ़ाई की, इसके बाद स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा से की। बचपन से ही एक्टिंग करने का शौक था लेकिन शुरुआती दिनों में इसके लिए कोई मंच नहीं मिला। रीवा और सतना में कुछ समय तक डांस की क्लास ज्वाइन की।

परिवार के लोगों ने कला में निखार लाने के लिए मुंबई भेजा। वर्ष 2016 में मुंबई पहुंची पूजा ने क्लासिकल डांस की क्लास ज्वाइन की, साथ ही एक्टिंग भी सीख रही थी। जहां पर देखा कि उनके जैसे हजारों की संख्या में लड़कियां मुंबई आती हैं जिन्हें विपरीत परिस्थितयों का सामना करना पड़ता है और सफलता भी हाथ नहीं लगती। इस दौरान उन्होंने यह भी देखा कि क्षेत्रीय बोलियों में भी लोग अपनी कला को आगे ला रहे हैं।

भोजपुरी के भी कई कलाकारों से मुलाकात हुई, जिन्होंने पहले अपने क्षेत्र में पहचान बनाई बाद में बालीवुड की ओर रुख किया। पूजा ने भी तय किया कि अब बघेली बोली और विंध्य की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए वह काम करेंगे। रीवा लौटीं और बघेली में ही वीडियो बनाकर यूट्यूब पर डालना शुरू किया। लोकप्रियता ऐसी बढ़ी की एक साल के भीतर ही वीडियो को देखने वालों की संख्या पांच से छह करोड़ को पार करने लगी।

इसके बाद अब स्वयं का मंच तैयार किया है, 'तीन पांच` के नाम से यह नया सोशल मीडिया का एकाउंट तेजी के साथ लोकप्रिय हो रहा है। इस कला के जरिए केवल ऐसा नहीं कि नाम बढ़ रहा है, आमदनी का जरिया भी यह हो गया है।

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लड़कियों और महिलाओं के लिए बन गई प्रेरणा
सोशल मीडिया के जरिए वीडियो बड़ी संख्या में लड़कियां और महिलाएं शेयर करती हंै। जिस तरह से पूजा तिवारी ने साधारण परिवार में जन्म लिया और अपने मूल परिवेश को ही कला का माध्यम बनाकर क्षेत्र के कलाकारों के लिए नई दिशा दी है। वह दूसरों के लिए अब प्रेरणा बन रही है। अब दर्जनों की संख्या में लड़कियां बघेली में अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रही हैं, वह भी दावा कर रही हैं कि एक दिन वह भी पूजा की तरह अपना नाम स्थापित करेंगी।

बघेली के जरिए ही बालीवुड की ओर बढ़ा रही कदम
बघेली बोली ने ही पूजा तिवारी को इस क्षेत्र का बड़ा स्टार बना दिया है। अपना कैरियर बालीवुड की ओर वह भी बढ़ाना चाहती हैं। इसका भी जरिया उन्होंने बघेली बोली को ही बनाया है। इनदिनों मुंबई के एक प्रोडक्शन हाउस ने पूजा के साथ बघेली में 'प्रीत के बंधनÓ नाम की फिल्म की शूटिंग शुरू की है। रीवा जिले के कई हिस्सों में इसकी शूटिंग हो चुकी है। जून के पहले सप्ताह में यह रिलीज होगी। फिल्म को लेकर पूजा उत्साहित हैं, उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि भोजपुरी की तरह बघेली की भी पहचान मुंबई में कायम हो। वीडियो के माध्यम से सामाजिक जागरुकता और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी देती हैं।

फेसबुक के जरिए कलाकारों से हुई मुलाकात
पूजा तिवारी ने रीवा मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि वह मुंबई में थी, वहां से ही डांस और एक्टिंग से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करती थी। इसी बीच सीधी के बघेली कलाकार अविनाश तिवारी ने मैसेज किया कि वह बघेली को बढ़ाने के लिए साथ में काम करना चाहते हैं। इसके बाद से वीडियो शूट किया गया और पहला वीडियो 12 जनवरी 2018 को जारी हुआ। गांवों में एक साधारण परिवार की दिनचर्या किस तरह होती है, पति-पत्नी के बीच किस तरह की नोकझोंक होती है इसके वीडियो के जरिए लोगों तक पहुंचाया। एक वर्ष में 90 वीडियो जारी किए गए। इन्हें देखने वालों की संख्या में करोड़ों में पहुंच गई है। अब खुद का चैनल तीन पांच बना लिया है, इसमें करीब दो दर्जन की संख्या में कलाकार और सहयोगी हैं। पहले की तरह यह भी उसी गति से लोकप्रिय हो रहा है। 50 वीडियो इसमें भी रिलीज हो चुके हैं।
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