BHOPAL : 1988 बैच की वरिष्ठ IAS अधिकारी वीरा राणा बनी CEO : उपचुनाव से पहले वीरा राणा को मिली बड़ी जिम्मेदारी



भोपाल। कोरोना संकटकाल के बीच मध्यप्रदेश में धीरे-धीरे उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। यही कारण है कि चुनाव से पहले सीनियर आइएएस आफिसर वीरा राणा को प्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  का जिम्मा दिया गया है। 1988 बैच की आइएएस अफसर वीरा राणा मध्यप्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की कमान संभालेंगी। राणा इससे पहले खेल एवं युवा कल्याण विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर थीं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (क्कग्र्) बीएल कांताराव के केंद्रीय प्रतिनिय़ुक्ति पर जाने के बाद से यह पद खाली हो गया था।

कौन है वीरा राणा
1988 बैच की आइएएस आफिसर वीरा राणा को पिछले साल जून में राजगढ़ जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया था। सन 1991-92 के वक्त वे नरसिंहपुर की एसडीएम भी रही हैं।

राज्य सरकार ने होली के एक दिन पहले तीन-चार माह से अवकाश पर चल रही वीर राणा को एसीएस खेल एवं युवक कल्याण पदस्थ किया था।

इससे पहले ही राणा को राज्यपाल का प्रमुख सचिव बना दिया गया था, लेकिन वे किन्ही कारणों के चलते अवकाश पर चली गई थीं। इसके बाद उन्हें खेल एवं युवा कल्याण विभाग का जिम्मा सौंपा था।

15 जिलों की 24 सीटों पर होगा उपचुनाव
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार में शामिल 22 विधायकों के पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद यह सीटें खाली हो गई थीं। इसके अलावा दो सीटों पर विधायकों की मृत्यु हो गई थी। इस प्रकार 15 जिलों की 24 सीटों पर आने वाले दिनों में उप चुनाव होना है। इनमें मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, अशोक नगर, गुना, सागर,अनूपपुर, रायसेन, इंदौर, देवास, धार, मंदसौर एवं आगर-मालवा के 24 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव कराए जाने हैं। इन 24 में से जौरा और आगर मालवा की सीट विधायकों के निधन के कारण खाली हुई है। उपचुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है।



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