BHOPAL : अब MP में प्रवासी मजदूर नहीं चलेंगे पैदल, सरकार ने की 375 बसों की व्यवस्था : जानिए कहाँ से मिलेगी कौनसी बस


भोपाल. प्रदेश की शिवराज सरकार ने विभिन्न प्रदेशों से पैदल चलकर मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में आ रहे उन सभी श्रमिकों के लिये अस्थाई ठहरने, भोजन, पेयजल, प्राथमिक उपचार एवं दवाओं की व्यवस्था की है। मध्यप्रदेश में ऐसे मजदूरों को बसों के माध्यम से उनके जिलों तक पहुंचाने तथा अन्य राज्यों के मजदूरों को मध्यप्रदेश की सीमा तक छुड़वाने के लिए 375 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है।

योजना के अनुसार, मध्यप्रदेश के महाराष्ट्र सीमा पर सेंधवा ( बीजासन )-देवास, देवास-गुना, गुना-शिवपुरी होते हुए झांसी उत्तरप्रदेश सीमा तक और गुना-शिवपुरी-ग्वालियर-भिंड होते हुए उत्तरप्रदेश सीमा तक श्रमिकों को छोड़ने के लिये देवास एवं गुना में ट्रांजिट पांइट बनाया जा सकता है।

देवास से छतरपुर मार्ग पर दौलतपुर ( सीहोर ) ट्रांजिट पाइंट बनाया जा सकता है। दौलतपुर ( सीहोर ) से ही मालथौन एवं दौलतपुर-सागर-छतरपुर होते हुए महोबा-उत्तरप्रदेश सीमा तक श्रमिकों को ले जाया जाएगा।

इन ट्रांजिट पाइंट पर आराम करने के लिए छाया, भोजन, चाय-पानी तथा फस्ट-ऐड एवं आवश्यक दवाइयां भी रखी जाएगी। इन ट्रांजिट पाइंट पर कुछ वाहन भी रखे जाएंगे, जिससे श्रमिकों की अदला-बदली होकर उन्हें आगे प्रदेश की सीमा पर पहुंचाने की व्यवस्था हो सके।

कहां पर कितनी बसें

महाराष्ट्र सीमा सेंधवा-देवास मार्ग के लिये 100 बस, देवास-गुना के लिए 50, देवास-सागर के लिए 40, गुना-भिण्ड (उत्तरप्रदेश सीमा) के लिये 20, गुना-दीनारा (झांसी-उत्तरप्रदेश सीमा) के लिए 80 बस, मुरैना-ग्वालियर-दतिया-झांसी के लिए 25, देवास-दौलतपुर (सीहोर) के लिए 10, दौलतपुर (सीहोर)-सागर-मालथौन के लिए 25, दौलतपुर(सीहोर)-सागर-छतरपुर (महोबा उत्तरप्रदेश सीमा) के लिए 25 बस की गई है।
Powered by Blogger.