BHOPAL : खुशखबरी : मुख्यमंत्री ने श्रम सुधारों का किया एलान, उद्यमियों व कारोबारियों को मिली बड़ी राहत

भोपाल। कोरोना संकट की वजह से नई जगह तलाश रहे औद्योगिक संस्थानों को मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने शिवराज सरकार ने श्रम कानूनों में सुधारों को लागू कर दिया है। इसके तहत अब कारखाना लायसेंस के लिए उद्योगपति को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत लायसेंस मिलेगा। वहीं, हर साल नवीनीकरण कराने का प्रावधान भी खत्म कर दिया है।
कारोबारियों को राहत देते हुए प्रदेश में दुकानें अब सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक खुली रह सकेंगी। पहले ये सुबह आठ से रात दस बजे तक खुलती थीं। दुकानें ज्यादा वक्त तक खुलने से न सिर्फ रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि दुकानों पर भीड़ भी नहीं लगेगी और शारीरिक दूरी का भी पालन हो पाएगा। आठ घंटे की पाली (शिफ्ट) को भी 12 घंटे कर दिया है। सप्ताह में 72 घंटे काम कराया जा सकता है।
इसके लिए श्रमिकों को अतिरिक्त भुगतान (ओवर टाइम) करना होगा। उद्यमियों को यह छूट भी दी जा रही है कि वे उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार पाली में भी बदलाव कर सकते हैं।
61 रजिस्टर रखने व 13 रिटर्न का प्रावधान खत्म
कारखानों की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए 61 रजिस्‍टर रखने और 13 रिटर्न दाखिल करने का प्रावधान भी समाप्त कर दिया है। इंस्पेक्टर राज से मुक्ति के लिए विभागीय निरीक्षण व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया है। अब उद्यमी स्वयं थर्ड पार्टी निरीक्षण करा सकेंगे।
वहीं, नए उद्योगों के लिए श्रमिकों की सुरक्षा को छोड़कर औद्योगिक विवाद अधिनियम के बाकी प्रावधान प्रभावी नहीं रहेंगे। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग अपनी जरूरत के हिसाब से श्रमिक रख सकेंगे। इसके लिए औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम में सौ श्रमिक तक वाले कारखानों को छूट मिलेगी।
50 श्रमिक लगाने पर लायसेंस नहीं
ठेका श्रमिक अधिनियम में संशोधन के लिए केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव दिया गया है कि 50 श्रमिक तक लगाने वाले ठेकेदार का लायसेंस लेने की जरूरत नहीं रहेगी। अभी 20 श्रमिक लगाने पर ही पंजीयन कराना अनिवार्य था। इसी तरह कारखाना अधिनियम में कारखाने की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को दिया है।
स्टार्टअप को नवीनीकरण की झंझट से मुक्ति
स्टार्टअप उद्योगों को हर साल पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराना होगा। एक बार पंजीयन कराने के बाद दोबारा इसके लिए परेशान नहीं होना होगा। कारखाना, दुकान, निर्माण एजेंसियों और श्रमिक ठेकेदारों का पंजीयन भी एक दिन में ही होगा। इसका प्रावधान लोकसेवा गारंटी कानून में किया गया है। यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगेगा और संबंधित को दिया जाएगा।
फेसबुक लाइव के जरिए की घोषणा
श्रम कानूनों में सुधार का एलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को फेसबुक लाइव के जरिए किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना की चुनौती को हम अवसर में बदलना चाहते हैं। चीन सहित कुछ अन्य देशों से उद्योग दूसरे देशों की ओर रुख कर रहे हैं। इस अवसर का प्रदेशहित में लाभ उठाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाई है। इसमें रोजगार के अवसर बनाने हैं तो निवेश को भी आकर्षित करना है।
कानूनों में सुधार की मांग औद्योगिक संगठन भी कर रहे थे और मजदूरों को रोजगार दिलाना भी जरूरी है। इसके मद्देनजर तय किया है कि नियमों के मकड़जाल में निवेशक न फंसे और श्रमिकों के हित भी सुरक्षित रहें, इसलिए श्रम कानूनों में बदलाव किया है। ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है।
पंजीयन का इंतजार खत्म
शिवराज ने कहा कि अब दुकान, कारखाना हो या फिर ठेकेदार, किसी को पंजीयन के लिए इंतजार नहीं करना होगा। एक दिन में प्रक्रिया पूरी करके पंजीयन किया जाएगा। इसके लिए लोकसेवा गारंटी कानून में 30 दिन की अवधि का घटाकर एक दिन कर दिया है। पंजीयन का नवीनीकरण भी हर साल कराने की जगह दस साल में एक बार कराना होगा। स्टार्टअप उद्योगों को पंजीयन नवीनीकरण के प्रावधानों से मुक्त रखा गया है।
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