Boys Locker Room : सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, दखल की लगाई गई गुहार


दिल्ली के कुछ नामी स्कूलों के बच्चों के सोशल मीडिया पर बनाए कुख्यात ग्रुप Boys Locker Room का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। 3 वकीलों ने कोर्ट को खत लिखकर मामले में दखल देने की मांग की है। Boys Locker Room में स्कूली लड़कियों के बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं, जिसमें केस दर्ज हुआ है।

हाइलाइट्स 
-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर रेप चैट का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा 
-3 वकीलों ने कोर्ट को खत लिखकर मामले को गंभीर बता दखल की गुहार लगाई है 
-इंस्टाग्राम पर दिल्ली के कुछ स्कूली छात्रों ने Bois Locker Room नाम का ग्रुप बनाया था 
-ग्रुप में लड़कों ने साथ पढ़ने वाली लड़कियों की तस्वीरें शेयर कर बेहद आपत्तिजनक बातें लिखी थीं

Boys Locker Room स्कैंडल का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में लेटर पिटिशन दाखिल कर मामले में संज्ञान लेने की गुहार लगाई गई है। याचिका में कहा गया है कि ये मामला न सिर्फ प्राइवेसी से जुड़ा हुआ है बल्कि महिला की सेफ्टी से भी जुड़ा है। साथ ही नाबालिगों को संवेदनशील बनाने और उनके काउंसलिंग करने का भी मामला है। सुप्रीम कोर्ट से मामले में दखल की गुहार लगाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट में तीन वकीलों की ओर से लेटर लिखकर Boys Locker Room मामले की सुनवाई की गुहार लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट में ऐडवोकेट ऑन रेकॉर्ड आनंद वर्मा, वकील कौस्तुब प्रकाश और शुभांगी जैन की ओर से लेटर पिटिशन लिखा गया है और कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों के बीच बातचीत के गैप को भरता है। लेकिन मौजूदा बॉयज लॉकर रूम स्कैंडल साबित करता है कि ये प्लेटफॉर्म महिलाओं को प्रताड़ित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। इस तरह से किसी को भी आसानी से धमकी दी जा सकती है और इस तरह से आसानी से प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर ऑब्जेक्शनल, आपत्तिजनक और प्राइवेट पिक्चर, बातचीत और संदेशों को शेयर किया जा सकता है।

बॉयज लॉकर रूम एक सोशल प्लेटफर्म पर ग्रुप है जिसे नाबालिग बच्चें चला रहे हैं। ये बच्चे दिल्ली के नामी स्कूलों के हैं। इसमें लड़कियों (नाबालिग) के आपत्तिनजक पिक्चर शेयर किए गए और फिर लड़कों ने उन लड़कियों के शरीर के बारे में आपत्तिजनक बातें शेयर करनी शुरू की। यहां तक कि स्कूली लड़कों ने रेप और गैंगरेप की चर्चाएं की। लेटर पिटिशन में कहा गया है कि कथित तौर पर उस प्लेटफॉर्म पर लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीर डाली गई और उन्हें धमकी दी गई कि ऑनलाइन उसे लीक कर देंगे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को लेटर पिटिशन दाखिल कर कोर्ट से दखल देने की गुहार लगाई गई है।

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याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि यह घटना बेहद डराने वाली है और ऐसे में सुप्रीम कोर्ट मामले में दखल दे। यह घटना न सिर्फ निजता से जुड़ी है बल्कि महिलाओं के सेफ्टी का भी मामला है। साथ ही नाबालिगों को इस तरह की घटना से बचने के लिए उन्हें संवेदनशील करने की जरूरत है। जो हरकत की गई है उसमें आईटी ऐक्ट की धारा 67 व 67 ए के साथ-साथ आईपीसी की धारा 506, 507, 509 आदि के तहत केस बनता है। दिल्ली महिला आयोग की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया है। मामले में समय पर जांच और ट्रायल की दरकार है।


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