REWA : महाराष्ट्र से बसों में बैठकर रीवा पहुँचे 1200 श्रमिक, झलके ख़ुशी के आँसू



रीवा. कोरोना के चलते लागू लॉकडाउन में घर से सैकड़ों मील दूर फंसे लोगों ने महीना भर से ज्यादा अवधि के बाद राहत की सांस ली। इनमें कोई महाराष्ट्र से है तो कोई गुजरात से। ये सभी अपने-अपने घर पहुंच गए। इन्हें स्वस्थ देख घर वालों को भी चैन मिला।

दरअसल केंद्र सरकार के प्रवासी लोगों को उनके ठिकानों तक पहुंचाने की इजाजत मिलने के बाद शनिवार बसों से 1200 से ज्यादा लोग पहुंचे रीवां। इन सभी की स्क्रीनिंग कराने के बाद उन्हें सुरक्षित उनके घरो को भेज दिया गया। बता दें कि ये लोग बड़ी मशक्कत के बाद अपने घर पहुंचे हैं। इन लोगों ने पहले पैदल ही घर पहुंचने का जोखिम उठाया था। तब देश भर से इनके समर्थन में आवाज उठनी शुरू हुई। तब जा कर केंद्र सरकार ने इन प्रवासी लोगों की घरवापसी का रास्ता खोला।

ऐसे में महाराष्ट्र, गुजरात सहित देश के अन्य राज्यों में कोरोना के संक्रमण के भय के बीच फंसे इन लोगों ने शनिवार को घर पहुंच कर राहत की सांस ली। इन लोगों को देर रात तक उनके ठिकानों पर भेजने का काम चलता रहा। इसके लिए 28 बसों का इंतजाम किया गया था।

सभी को घर भेजने से पहले एक-एक व्यक्ति के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। फिर पुलिस के संरक्षण में बसों में बिठा कर गंतव्य तक रवाना किया गया। इसमें ज्यादातर लोग हनुमना, मऊगंज, नईगढी व तराई अंचल के हैं जो मजदूरी करने बाहर गए थे। इन सभी की घरवापसी कराने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी तो लगे ही थे, कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी आगे बढ़कर इनकी मदद की।
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