REWA : स्टांप वेंडर लोगों की मजबूरियों का फायदा उठाकर पास से करते थे हज़ारो की वसूली : फर्जी पास, मशीन सहित दस्तावेज बरामद



रीवा. लॉक डाउन में लोगों की मजबूरियों का फायदा उठाकर शातिर दिमाग स्टांप वेंडर फर्जी पास जारी कर रहे थे। शनिवार को मामला सामने आने पर पुलिस ने दबिश दी और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से काफी संख्या में फर्जी पास सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए है। उनसे पुलिस पूछताछ कर अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारियां जुटा रही है।

कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर आनलाइन की दुकान संचालित करने वाला स्टांप वेंडर सूरज तिवारी निवासी बैकुंठपुर फर्जी तरीके से पास बनाने का फर्जीवाड़ा कर रहा था। उसके इस कृत्य में साथी सुरेन्द्र सोंधिया निवासी अस्पताल चौराहा भी शामिल था। ये लोगों से रुपए लेकर उनको फर्जी पास जारी करते थे। पास बनवाने के एवज में पन्द्रह सौ से दो हजार रुपए तक वे ऐंठ रहे थे।

शनिवार को इस बात की सूचना पुलिस को मिल गई। एसपी आबिद खान के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस ने उसके दुकान में दबिश दी और आरोपी सूरज तिवारी व उसके साथ गिरफ्तार कर लिया। दुकान की तलाशी लेने पर उसमें फर्जी शील, प्रिंटर, फर्जी पास के कागज जब्त हुए है। दोनों आरोपियों को थाने लाकर पुलिस पूछताछ कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में कई अन्य लोग भी शामिल है।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा 
गढ़ थाने के बांस गांव निवासी दिनेश कुमार पटेल की भाभी और उनके बच्चे जनकपुर छत्तीसगढ़ में फंसे हुए थे जिनको वापस लाने के लिए वे पास बनवाने 28 अप्रैल को कलेक्ट्रेट आए थे। यहां पर स्टांप वेंडर से मुलाकात की और उसने 800 रुपए लेकर पास बनाकर उनको दे दिया। घर जाकर उन्होंने चेक किया तो उसमें सिर्फ जाने का पास था। फलस्वरूप अगले दिन वे पुन: उसके पास गए और वापसी का पास दिलवाने के एवज में उसने 700 रुपए फिर लिये। उनको पास में संदेह हुआ तो उन्होंने एक दूसरे आनलाइन सेंटर से उसकी जांच कराई तो वह फर्जी निकला।

कलेक्ट्रेटर में आनलाइन की दुकान चलाने वाला स्टांप वेंडर फर्जी पास बनाता था। दबिश देकर उसे और साथी को गिरफ्तार किया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। उनके पास से फर्जी पास बनाने में प्रयुक्त काफी सामान बरामद हुआ है। जांच में जिन लोगों के नाम सामने आऐंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी।

शिवेन्द्र सिंह, सीएसपी रीवा
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