REWA : कोरोना वायरस कोविड की रोकथाम के लिए नयी गाइडलाइन जारी : कलेक्टर


कलेक्टर बसंत कुर्रे ने बताया कि कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम के लिए केरल राज्य के मॉडल को सबसे उपयुक्त माना गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रोटोकॉल के अनुसार टेस्ट, ट्रेस, आईसोलेट एवं सपोर्ट के आधार पर रणनीति तैयार कर लागू की गयी थी। प्रदेश में आईडेटीफाई, आईसोलेट, टेस्ट एवं ट्रीटमेंट की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। प्रवासी श्रमिकों की वापसी के उपरांत उन्हें नियमित पर्यवेक्षण में रखा जाना आवश्यक है ताकि उनकी लक्षण उत्पन्न होने पर शीघ्र से शीघ्र टेÏस्टग, कान्टेक्ट ट्रेसिंग, होम आईसोलेशन, क्वारेंटीन की कार्यवाही कर संभावित चेन को तोड़ने की कार्यवाही की जा सके। इसके लिए गाइडलाइन जारी की गयी है।

कलेक्टर ने बताया कि मैदानी स्तर पर आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी वर्कर, गांव में आरएमपी तथा परंपरागत पद्धतियों से उपचार करने वाले व्यक्तियों को इस संबंध में बताया जाना चाहिए। अधिकांश लोग जो इनके सर्वप्रथम संपर्क में आते हैं और यह प्रथम प्वाइंट आफ कान्टेक्ट होने के कारण शीघ्र से शीघ्र सूचना दे सकते हैं। ताकि समय रहते (इससे पहले कि वो संक्रमण अधिक लोगों को फैलाये) संभावित संक्रमित व्यक्ति की प्रोटोकाल अनुसार आगामी कार्यवाही की जा सके। मैदानी अमले को कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में जानकारी रहे। उक्त कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाय। उन्हें आईईसी सामग्री भी दी जाय। उन्होंने बताया कि सभी क्लीनिकों पर कार्यरत चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन एवं अन्य कर्मचारियों को उनको स्वंय के बचाव संबंधी प्रोटोकाल के लिए प्रशिक्षत किया जाय। उन्होंने कहा कि सभी क्लीनिकों पर थर्मल गन, पल्स ऑक्सीमीटर, फेस मास्क, ग्लब्ज, हैण्ड सेनेटाइजर हो तथा परीक्षण खुले व हवादार कमरों में रखा जाय। उन्होंने कहा कि फीवर क्लीनिक पर जो सैंपल लिए जाते हैं उनको शीघ्र ही जिला स्तर पर या संबंधित लैब पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय।

कलेक्टर ने बताया कि होम आईसोलेशन में रखे गये व्यक्ति को निर्देशों का पालन करते हुए आरोग्य सेतु एवं सार्थक एप डाउनलोड कर नियमित तौर पर स्वास्थ्य की जानकारी दें। बिना टेस्ट के संक्रमित व्यक्ति को निकटतम सीसीसी, डीसीएचसी केन्द्र पर रेफर करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र तथा कस्बों में आवादी के घनत्व को देखते हुए हीट मैप की समीक्षा की जाय। आरआरटी, एसआरटी, एमएमयू दल की समीक्षा कर ग्रामीण क्षेत्रों में कान्टेक्ट ट्रेसिंग, सैम्पलिंग करें। आरबीएसके के अन्तर्गत मेडिकल आफिसरों के दल स्वास्थ्य परीक्षण एवं सैंपलिंग करें। स्थानीय स्तर पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग की जाय। संबंधित व्यक्ति की कान्टेक्ट ट्रेसिंग उसमें लक्षण आने के दो दिन पूर्व से चालू करें। बिना लक्षण के प्रकरणों में सैंपल लेने के दो दिन पूर्व से कान्टेक्ट ट्रेसिंग करें। उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत कोरोना पॉजिटिव मरीज या तो बिना किसी लक्षण के होते हैं या माइल्ड लक्षण वाले होते हैं। इन्हें शासकीय संस्थाओं एवं परिसरों के कोविड केयर सेंटर में आईसोलेशन में रखा जाय। कोविड संदिग्ध एवं कोरोना पाजिटिव मरीज को कोविड केयर सेंटर में पृथक-पृथक आईसोलेट करें। 

समस्त कोविड केयर सेंटर में डिसइंफेक्शन तथा आईपीसी प्रोटोकाल का पूर्ण रूप से पालन करें। शासकीय चिकित्सालयों और शासकीय मेडिकल कालेज में आईसोलेशन बेड बिथ आक्सीजन सपोर्ट एवं आईसीयू बेड की व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि संक्रमित व्यक्तियों तथा संभावित संक्रमित व्यक्तियों की मृत्यु उपरांत क्रियाकर्म की प्रक्रिया प्रोटोकाल का पालन करते हुए किया जाय। कलेक्टर ने बताया कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए एम्बुलेंस किराये पर लेने, मोबिलिटी सपोर्ट, सैंपल एकत्रीकरण एवं जांच उपचार और आईईसी, बीसीसी, कोविड केयर सेंटर का प्रबंधन, क्वारेंटाइन सेंटर का प्रबंधन, अतिरिक्त मानव संसाधन, प्रशिक्षण एवं कोविड मरीजों के लिए भोजन व्यवस्था हेतु पर्याप्त बजट उपलब्ध करा दिया गया है।




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