REWA : कोरोना वायरस की दवाई लेने शराब दुकानों में लगा रेला, शराब खोरों ने उड़ाई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां : पुलिस प्रशासन मास्क,चालान काटने मे मस्त


AMAHIYA MADIRA SHOP 

रीवा। शहर मे कोरोना वायरस फैलाने निकाली शराबियो की टोली अमहिया थाना क्षेत्र सहित अन्य शराब दुकानो पर भारी भीड. पुलिस नदारत समाजसेवियो की मेहनत होने वाली है बेकार शहर भ्रमण के कवरेज के दौरान कल शाम को करीब 4 बजे  के आसपास गल्ला मंडी रोड स्थिति विदेशी मदिरा की दुकान पर शराब लेने वालों का काफी जमघट बना हुआ था. इस दुकान के सामने शराबियों की जुटी भीड़ के बीच कहीं भी 1 मीटर की शारीरिक दूरी नजर नहीं आ रही थी। वहां कोई पुलिस वाला नहीं था. बीच मोटरसाइकिल से आए दो पुलिस वाले भी दुकान तरफ गए लेकिन उन्होंने वहां की व्यवस्था बनाने में कोई विशेष रूचि नहीं ली.  कुछ  मिनट बाद वहां पर पुलिस की एक गाड़ी आती है जिसमें डिस्टेंस बनाए रखने का अनाउंसमेंट किया जा रहा था. लगभग शराब की हर दुकान का हाल यही था ! शराब खरीदने के लिय लोग एक दुसरे के उपर चढे जा रहे थे. 

पुलिस कप्तान ,कलेक्टर भी शायद एक सरकारी आदेश पर नतमस्तक हो गये ? क्योंकी इनकी टीम शराब दुकानो पर जाने परहेज कर रही है।  उपर से फोन तुरंत आयेगा और बिना कार्यवाही के पीछे हटना होगा।  नौकरी पर सवाल आ जायेगा ! पुलिस कप्तान शहर मे लाव लश्कर के साथ जब निकलते है तो अक्सर देखा जाता है की लोगो  को थाने भी पकड कर भेजने आदेश देते  है ,चालान भी कटवाते है , गाडी जप्त करते है , मास्क न पहनने वालो का चालान कटवाते है! अनावाश्यक घुमने वालो पर कार्यवाही भी करवाते  है! सोसल डिस्टेनसं का पालन का भी ग्यान भी लोगो को देते है. लाठी भी मारते है। अन्य उपाये भी  कप्तान  सहाब आप की पुलिस करती है और कर रही है।


इस महामारी से निपटने के लिय  पुरा देश प्रदेश सहित रीवा जिला भी लाकडाउन मे है।  पर अब  कप्तान सहाब आप की  लाव लश्कर  की टीम  को  कल से क्या हो गया ?  शराबियो की फौज पुरे जिले मे हहाकार मचा रहे है ! न मास्क, न सोशल डिस्टेनस का पालान, न पुछताछ, न कोरोना वायरस का खतरा , सब शराबियो के मौज मे आप की फौज नदारत हो गई ? पुलिस की बहदुरी  को जंग लग गया? किसी ने हाथ बंध दिये ? कोरोना से जिले को बचना है तो शराबियो पर कन्टोल करे अन्यथा आप सब की मेहनत पर ये शराबी पानी फेर देगे ! और रीवा जिले को रेड जोन बनने मे ज्यादा समय नही लगेगा ! समाज सेवीयो ने ईस महामारी के समय मे प्रशासन के साथ कधां से कधां मिला जरुरत मंदो को आज भी भोजन ,आनाज दे रहे है ! हजारो कार्यकर्ता ईस अभियान मे जुटे है ! सहयोग कर रहे है ! हालाकी कुछ कुछ लोग इस माहामारी मे भी भ्रष्टाचार करने से पीछे नही है ? तमाम राजनैतिक दल, समाज सेवी ,रीवा जिले की जनता जनार्दन , को  शराब दुकान खोलने  पेट्रोल के दाम बढाने, अन्य राज्यो से आये हुये  का  विरोध करना चहिये ? सरकार ने  कोरोना को  घर धर  पहुचने  का काम शराबियो की टोली को दिया है ?  गरीबो जरुरतमंदो राहत देने की बजाये  ! सरकारी राजस्व बढाने का जो तरिखा अपनया है वह समझ से परे है ? एक माहमारी के कारण पुरा देश लाकडाऊन है 45 दिन के लाकडाउन मे माध्यमवर्गीय परिवार जहां अपने परिवार को पलने की जद्दोजदद कर रहा है ! कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा है ! उनको राहत देने जगह अपना राजकोष बढाने मे लग गये पेट्रोल के दाम बढा दिया , शराब की दुकान खुलवी दी ! लाकडाउन , सोशल डिस्टेनस, मास्क लगाना,ये सब अब बैमानी लगती है ! वैश्विक महामारी कोरोना से पूरा विश्व अपने अपने तरीके से युद्ध लड़ रहा है। भारतवर्ष भी पूर्ण लॉक डाउन के माध्यम से इस महामारी का सामना सफलता पूर्वक कर रहा है। लॉक डाउन का ही यह परिणाम है कि आज हमारी स्थिति अन्य देशों की अपेक्षा बेहतर है। हम सभी भारतवासी सरकार द्वारा पारित दिशा निर्देशों का लगभग अक्षरशः पालन कर रहे हैं। 

पहले 21 दिनों का लॉक डाउन फिर 19 दिनों के लॉक डाउन का पालन अब 14 दिन का लाकडाउन का हम सभी ने पूर्ण संयम के साथ दिया आगे दे भी रहे है । इन  लॉक डाउन का प्रतिफल यह निकल कर सामने आया कि जो क्षेत्र ग्रीन जोन में थे वहां पर हमें कुछ व्यापारिक सुविधाएं शर्तों के साथ प्रदान की गई जहां सोशल डिस्टेन्स का पालन अनिवार्य रूप से करना शामिल था। लेकिन शराब की दुकानों को खोलने सरकार के कथित आदेश से हमारे 40 दिनों के लॉक डाउन का कोई मतलब ही नही रह जाता। कल ही शराब दुकानों के खुलने के साथ ही दुकानों के सामने कई किलोमीटर लंबी कतारें जगह-जगह सोशल मीडिया में देखने और सुनने को मिलीं। क्या इससे कोरोना संक्रमण का खतरा हर शहर व गांव में नहीं बढ़ेगा ? अन्य माध्यम से तो देखने मे यहां तक भी आया कि पुलिस प्रशासन को स्वयं उपस्थित होकर जनता को इन शराब दुकानों से लोगों को खदेड़ना पडा।

 जहां हमारा पुलिस प्रशासन रात-दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इस संक्रमण को रोकने में लगा हुआ है, वहीं एक सरकारी आदेश हम सब पर बहुत भारी पड़ने वाला प्रतीत होता है। एक ओर मंदिरों के द्वार बंद हैं, वहीं दूसरी ओर मदिरालयो के द्वार खोले जाने का क्या औचित्य ? संक्रमण का खतरा कहां ज्यादा देखने को मिलेगा, हम सभी स्वयं ही समझ सकते हैं।  राजनेताओ ने शराब दुकानों को खोलने के पीछे अर्थ व्यवस्था का हवाला दिया है। अरे जब देश का ही अनर्थ हो जावेगा तो अर्थ क्या करेगा। हम सभी के लिये यह बहुत ही गंभीर और चिंतन का विषय है। शासन को चाहिए कि एक बार वह पुनः अपने इस निर्णय पर गंभीरता पूर्वक विचार करे। दरअसल शराब की दुकानें प्रदेश सरकार के द्वारा लॉक डाउन में छूट मिलते ही विशेष रूप से खुलवाई गई है प्र् मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार का कहना है कि इससे राजस्व मिलेगा जिससे प्रदेश का विकास होगा प्र् क्या शराबियों की फौज बढ़ने से भारत जैसे विकासशील देश और समाज का विकास संभव है ? लॉक डाउन के चलते लोगों के काम धंधों पर बुरा असर हुआ है प्र् शराब की दुकान खोले जाने से आम आदमी के घरों की स्थिति और भी खराब हो जाएगी अभी कोरोना लॉक डाउन का सही ढंग से पालन कराने के लिए शराब की दुकानों का बंद रखा जाना बहुत जरूरी है.


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