SATNA में कोरोना पाजीटिव मरीज, मुश्किल में प्रशासन ,लाकडाउन करने उठने लगी मांग


सतना। देश भर में खौफ की वजह बन चुके कोरोनावायरस महामारी की दस्तक अंततः सतना जिले में हो गई है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस सुरक्षा के मद्देनजर हरकत में आ गए हैं। इसके पूर्व इंदौर जेल से कोरोनावायरस पाजीटिव मरीज सतना केंद्रीय जेल भेजा गया था। तब जमकर सतना और रीवा में विरोध प्रदर्शन किया गया था तब कहीं जाकर रीवा संजय गांधी अस्पताल से पाजीटिव कैदी को भोपाल भेजा गया था। कोरोनावायरस महामारी की चपेट में एक बार फिर सतना जिला आ गया है। कोटर निवासी एक मजदूर की रिपोर्ट कोरोना पाजीटिव आने के उपरांत सतना और रीवा के बीच सनाका खिंचा हुआ है।

इसके पहले विंध्य क्षेत्र के रीवा, शहडोल, कटनी और पन्ना में कोरोनावायरस पाजीटिव मरीज मिल चुके हैं। इसके बाद भी सतना जिले में जिला प्रशासन और पुलिस मरीज आने से नहीं रोक पाए। जिला अस्पताल सतना में पिछले तीन दिनों से मजदूर उपचार करवा रहा था सोमवार की सुबह रीवा से आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मजदूर कोरोनावायरस पाजीटिव है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जिला अस्पताल सड़क और जिस जगह से मरीज के लिए भोजन जाता था उस कृष्ण नगर एरिया को पूरी तरह सीज कर दिया गया है। 

बताया जाता है कि कोरोना पाजीटिव मरीज  हीरालाल सिंह मुंबई में मजदूरी करता था वह बाया अहमदाबाद सतना पहुंचा है। कोटर थाना क्षेत्र के खमहरिया गांव निवासी हीरालाल सिंह अपने पुत्र के साथ एम्बुलेंस में अहमदाबाद से सतना पहुंचा था। सूत्रों ने बताया कि जब हीरालाल सिंह मुंबई से अहमदाबाद पहुंचे तो उनकी तबियत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई। जिसके बाद वहां से एम्बुलेंस में हीरालाल सिंह अपने बच्चे के साथ सतना के लिए रवाना हुआ। यहां आने के बाद हीरालाल सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर जांच के बाद उसकी रिपोर्ट कोरोनावायरस पाजीटिव आ गई है। 

उपचार की नहीं है व्यवस्था, इसलिए फिर पहुंचा रीवा

इंदौर से भेजे गए रासुका के कैदी को कोरोनावायरस पाजीटिव मिलने की जानकारी सामने आते ही हड़कंप मच गया था। आनन फानन में उपचार व्यवस्था न होने के कारण कैदी को विशेष व्यवस्था के साथ संजय गांधी अस्पताल रीवा भेजा गया। यहां पर भारी विरोध के कारण कैदी को राजधानी भोपाल रवाना किया गया। अहमदाबाद गुजरात से आने वाले खमहरिया निवासी हीरालाल सिंह एंबुलेंस से सतना आए और जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए जहां पर पिछले तीन दिनों से कोरोनावायरस मरीज बना रहा। 

सोमवार को रीवा से कोरोना संक्रमित रिपोर्ट आने के तुरंत बाद हीरालाल सिंह को संजय गांधी अस्पताल रीवा भेजा गया। वहां पर उपचार की सुविधा मौजूद है। पंद्रह साल मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के लिए कोई प्रयास नहीं हुए।
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