BHOPAL : 27 JUNE को शपथ ले सकते हैं 22 नए मंत्री : किसकी होगी नैया पार ?


भोपाल। मध्यप्रदेश में अगले तीन दिन राजनीतिक दृष्टि से अहम होंगे। तीन दिनों में शिवराज मंत्रिमंडल में 22-24 मंत्रियों के नाम फाइनल कर शनिवार को शपथ दिलाई जा सकती है। इस बार यह शपथ ग्रहण समारोह प्रभारी राज्यपाल दिला सकते हैं। इसके लिए छत्तीसगढ़ या गुजरात के राज्यपाल को मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है।

मध्यप्रदेश में बुधवार सुबह से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और सुहास भगत में मंत्रणा हुई। इस बैठक में स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र भी मौजूद थे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार जल्द कर लिया जाएगा। हमारी तरफ से तैयारी पूरी है। केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद नए मंत्रियों को शपथ दिला दी जाएगी।

शनिवार को हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह
सूत्रों के मुताबिक इस बार शपथ ग्रहण समारोह प्रभारी राज्यपाल करवा सकते हैं। इसके लिए गुजरात या छत्तीसगढ़ के राज्यपाल में से किसी एक को मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार शनिवार को किया जा सकता है, हालांकि मुख्यमंत्री के पिछले दिनों बयानों के बाद अगले सप्ताह तक अटकलें लगाई जा रही थीं।

अस्पताल में भर्ती हैं लालजी टंडन
मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन अस्वस्थ होने के कारण लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी हालत में मामूली सा ही सुधार देखा गया है। पिछले दिनों भी डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताया था। ऐसे में माना जा रहा है कि इतनी जल्दी स्वस्थ होकर नहीं लौट सकते हैं। इसलिए अन्य राज्य के किसी राज्यपाल को यहां का प्रभार देकर शपथ ग्रहण कराया जा सकता है।

शिवराज मंत्रिमंडल में 22 नए मंत्री आएंगे
शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार में 22 मंत्री शामिल किए जाएंगे। इनमें से ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 9-10 नाम शामिल होना तय हैं। सिंधिया समर्थक दो मंत्रियों को पहले ही कैबिनेट में लिया जा चुका है। जिनमें तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत शामिल हैं। कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए प्रभुराम चौधरी, राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिसोदिया, बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना, हरदीप सिंह डंग का नाम भी चर्चा में है। बसपा-सपा के विधायकों को मंत्री बनाया जाए, ऐसी उम्मीद कम ही है।

12-13 भाजपा विधायक भी बनेंगे मंत्री
इनके अलावा जो जगह बचेगी उसमें 12-13 मंत्री भाजपा खेमे से बनाए जाएंगे। इसमें क्षेत्र और जाति के हिसाब से भी प्रतिनिधित्व और संतुलन बनाने की भी मशक्कत की जा रही है। विंध्य, बुंदेलखंड और भोपाल संभाग से भी मंत्री बनाए जाने का पार्टी पर दबाव है। ऐसे में कुछ पुराने नाम हटाए भी जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक जाति, क्षेत्र और सामाजिक संतुलन के साथ पार्टी में सीनियर विधायकों को भी तरजीह दी जा रही है। यह लोग पूर्व में मंत्री नहीं बन पाए थे। इसके बाद पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई थीं।
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