शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते CM शिवराज ने प्रदेशवासियों से चीनी सामान का बहिष्कार करने की अपील


रीवा। बलिदानी दीपक सिंह के अंतिम संस्कार में पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि चीन में बने सामान का बहिष्कार करें और देशभक्ति का परिचय देते हुए स्वदेशी अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब चीनी सामानों का उपयोग न हो यह हम सब को सोचना है। चीनी सैनिकों ने जिस तरह कायरतापूर्वक हमारे सैनिकों पर हमला किया, वह निंदनीय है।
गलवन घाटी में चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए बलिदान देने वाले रीवा के सपूत दीपक सिंह का शुक्रवार शाम 4.45 बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बलिदानी दीपक सिंह के बड़े भाई प्रकाश सिंह ने मुखाग्नि दी। उनका पार्थिव शरीर दोपहर दो बजे उनके गृह ग्राम फरेदा लाया गया। उन्हें जबलपुर मुख्यालय से पहुंचे 20 जवानों ने गार्ड-ऑफ ऑनर दिया।
बलिदानी दीपक सिंह की पार्थिव देह सेना के वाहन से प्रयागराज से दोपहर में रीवा लाई गई थी। इस दौरान रास्ते में लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी और 'जब तक सूरज चांद रहेगा, दीपक तुम्हारा नाम रहेगा', 'विंध्य के लाल की जय हो' के नारे लगते रहे। बलिदानी को श्रद्घांजलि देने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री महाराजा पुष्पराज सिंह, पूर्व मंत्री रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ला, सांसद जनार्दन मिश्रा समेत विंध्य के तमाम बड़े नेता और आला अधिकारी फरेदा गांव पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान श्रद्घांजलि देते हुए भावुक हो गए और कहा कि बलिदानियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। देश की सीमा पर ऐसे वीर योद्धा दुश्मनों को पीछे जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। ऐसे जवानों के शौर्य से ही यह मातृभूमि सुरक्षित है। सरकार लगातार पड़ोसी देश की इस हरकत को लेकर चिंता कर रही है। उन्होंने बलिदानी दीपक सिंह के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुख की घड़ी है और इस दुख की घड़ी में हम सभी उनके साथ में हैं।


इस दौरान मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बलिदानी को कंधा दिया। बिलख पड़ी वीरांगना और पिता बलिदानी दीपक सिंह का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके घर पहुंचा, उनकी वीरांगना (पत्नी) रेखा सिंह और उनके पिता बिलख पड़े। जहां वीरांगना उम्र भर साथ निभाने के वादे को लेकर बार-बार दीपक से बात करने की बात कहती रही वहीं पिता यह कहकर रो पड़े कि चीनी सैनिकों ने हमारा दीपक बुझा दिया।

बलिदानी दीपक सिंह का रेखा से 6 माह पूर्व ही विवाह हुआ था और फरवरी माह में छुट्टी समाप्त होने पर उन्होंने गर्मी में घर आने की बात पत्नी से कही थी। उम्र भर साथ निभाने का वादा किया था। बिहार रेजीमेंट में सैनिक पद पर हुए थे भर्ती 28 वर्षीय दीपक सिंह पुत्र गजराज सिंह ने बिहार रेजीमेंट में सैनिक के पद पर नौकरी शुरू की थी और उन्हें लांस नायक के पद पर पदोन्नत किया गया था। फरवरी माह में उनकी पदस्थापना देहरादून से लेह लद्दाख के लिए की गई थी और वे चीन सीमा पर तैनात थे।


Powered by Blogger.