REWA : APS विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी : कुलपति को सौंपा ज्ञापन


रीवा। कोरोना संकट के मद्देनजर मध्‍य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को, बिना परीक्षा दिए, उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा।

साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे।



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में कोरोना के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन तथा शालाओं को प्रांरभ करने के संबंध में आयोजित बैठक में यह जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी आदि उपस्थित थे।

बीते दिनों उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा दिए गए जनरल प्रमोशन के आज एक तरफ जहां छात्र इस निर्णय से उत्साहित थे, वहीं दूसरे ओर अब इस बात का विरोध शुरू हो गया है कि जब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जनरल प्रमोशन दे दिया गया है तो छात्रों से किस बात की सेमेस्टर शुल्क तथा किस बात की ट्यूटेशन शुक्ल जमा कराई जा रही है? आज अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में विश्व विद्यालय के छात्रों के द्वारा कुलपति को आवेदन भी दिया गया और चेतावनी दी गई की आने वाले तीन कार्यकारी दिवस के भीतर फीस माफ को लेकर कोई कार्यवाही की नहीं की गई तो विश्व विद्यालय छात्रों के द्वारा एक बड़ा उग्र आंदोलन होगा। 

आवेदन सौंपने में मुख्य रूप से चैतन्य मिश्रा, नीरज यादव ,प्रशान्त मिश्रा, शिवम् तिवारी, मनीष तिवारी तथा विश्व विद्यालय के अन्य छात्र मौजूद रहे. 




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