REWA : एक ऐसा हास्पिटल जहाँ स्वीपर और चौकीदार करते हैं कोरोना की जांच : डॉक्टर गायब : व्यवस्थाएं लाचार


त्योंथर .केवल नाम के सिविल हास्पिटल त्योंथर मे व्यवस्थाओं का यह आलम है कि यहां पर प्राथमिक अस्पताल जैसी सुविधाओं का भी टोटा  है, यहां की व्यवस्थाओं मे आज भी कोई सुधार परलक्षित होता  नजर  नहीं आ रहा है। शिकायतों और आवेदनों का दौर निरन्तर जारी है, क्षेत्र की जनता, समाजसेवियों की मांग पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संज्ञान नहीं लिए जाने के कारण जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों द्वारा अब आमरण अनशन की तैयारी में है। एसडीएम त्योंथर को ज्ञापन सौंप विरोध शुरू होगा।

उल्लेखनीय है कि बीएमओ त्योंथर डॉ. नौशाद अहमद लगभग 18 दिवस पूर्व ही अपने गृह ग्राम बिहार के लिए कूच कर चुके हैं, अब अगर बीएमओ कोरोना जैसी बीमारी के भय से पलायन कर गए हैं तो इसका मतलब उन्हें मरीजों और दीनहीन की इमदाद से बढ़कर अपना त्योहार मनाना ज्यादा उचित लगा होगा। डॉ. नौशाद अहमद को बीएमओ त्योंथर का प्रभार मिलने के उपरान्त भी सिविल हास्पिटल त्योंथर की व्यवस्थाएं चरमराई हुई थी।

कोरोना जैसी घातक महामारी के दौरान प्रशासन द्वारा अस्पताल और जनता के स्वास्थ्य को भगवान भरोसे छोड़ना निश्चित तौर पर निराशजनक के साथ-साथ आश्चर्यजनक भी है। ऐसा नहीं है कि हास्पिटल के कु-प्रबन्धन का विरोध इस महामारी के दौरान ही हुआ है, बल्कि क्षेत्रवासियों द्वारा एसडीएम त्योंथर को कई बार आवेदन के बीच संभवत: मधुर संबन्धों के कारण कार्यवाही नहीं होना जन चर्चा में है।

रोगी कल्याण समिति के मद से व्यापक खरीददारी
यहां पर गौरतलब बात यह है कि एक तरफ जहां चिकित्सीय सुविधा के दृष्टिकोण से सिविल अस्पताल त्योंथर खुद वेन्टीलेटर पर है, वहीं पर दूसरी ओर रोगी कल्याण समिति के मद से व्यापक रूप से नियमों को बलाए ताक पर रखकर खरीददारी की जा रही है व निर्माण कार्य के नाम पर लाखों के बिल-बाउचर बनाकर आपसी बन्दरबांट चालू है। इसकी शिकायत एक निजी संस्थान त्योंथर द्वारा एक पत्र के माध्यम से एसडीएम त्योंथर को 13 फरवारी को दी जा चुकी है।

उक्ताशय के परिपालन में एसडीएम  ने बीएमओ त्योंथर को तीन पत्र क्र. 108 स्टेनो शिकायत 19.02.2020 व पत्र क्र. 185 स्टेनो शिकायत 17.03.2020 एवं पत्र क्र. 356 स्टेनो, शिकायत 2020, 29.05.2020 भी जारी किए गए। उक्त पत्रों के माध्यम से एसडीएम त्योंथर द्वारा शिकायत में वर्णित तथ्यों से संबन्धित अभिलेख एव बीएमओ का कथन विगत तीन माह से निरन्तर मांगा जा रहा है, परन्तु बीएमओ त्योंथर डॉ. नौशाद अहमद द्वारा सुनने में आया है कि एसडीएम मेरा अधिकारी नहीं है, मैं सीएमओ के लिए जवाबदेह हूं।

इस प्रकार के पत्रों का आवागमन सामान्य बात है जिसे गंभीरता से लेना उचित नहीं है, जैसे बयानों से वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालयीन पत्र का मजाक बनकर रह गया है। शासकीय वाहन का किया जा रहा दुरूपयोग बीएमओ त्योंथर द्वारा 18 दिवस पूर्व अपने गृह ग्राम बिहार जाते समय सिविल अस्पताल त्योंथर में संलग्न अनुबन्धित वाहन बोलेरो अपने साथ लेकर गए हैं। जिसके कारण आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को लाने ले जाने में कार्य पूर्णत: बन्द है। जबकि लॉकडाउन जैसी गंभीर परिस्थिति में किराए का वाहन मिलना मुश्किल है। मरीजों की मुश्किलों का सहज ही अन्दाजा लगाया जा सकता है।

इनके भरोसे चल रही प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग 
कोरोना जैसी भयावह बीमारी से जहां दुनिया के दिग्गज  देश परेशान हैं वहीं त्योंथर अस्पताल के बीएमओ द्वारा मुम्बई, सूरत से आने वाले मजदूरों की स्क्रीनिंग के लिए अस्पताल में पदस्थ स्वीपर राजेश वर्मा व वाचमैन सिद्दीकी द्वारा जांच कराया जाना बेहद खेदजनक है। और तो और वाचमैन सिद्दीकी की नियुक्ति नियम विरुद्ध तरीके से बिना अनुमोदन के रोगी कल्याण मद से हुई है जिसके अध्यक्ष एसडीएम त्योंथर हैं। स्वीपर राजेश द्वारा विगत कई वर्षों से ड्रेसिंग का काम लिया जा रहा है, जिसका गवाह समूचा अंचल है।



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