REWA : विकास के नाम पर सड़कों पर चलना हुआ मुश्किल : राहगीर परेशान, आवागमन हुआ बाधित : निगम अधिकारी बने मौन


रीवा. विकास की आंधी ऐसी चल रही है कि आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रास्ता चलना भी दूभर हो गया है। रास्ता हो तब तो कोई चले। सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और उन गड्ढों से निकले मलबे का पहाड़ जहां-तहां देखा जा सकता है। ऐसे में अब तो सड़क पर चलना भी दुर्घटना को दावत देने सरीखा है।

बता दें कि रीवा में शहर के मुख्य मार्ग रतहरा से चौरहटा तक नए सिरे से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। 

इसके लिए पुरानी सड़क खोद दी गई है। सड़क निर्माण के साथ सीवर लाइन भी बिछाई जा रही है सो उसके लिए भी बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। सड़कें तो खोद दी गई हैं लेकिन उन गड्ढों से निकली मिट्टी का पहाड़ नहीं हटाया गया। लिहाजा एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ पहाड़। राहगीर जाएं तो किधर से जाएं।

आलम यह है कि सीवर लाइन बिछाने का काम जिस ठेकेदार को सौंपा गया है उसने नाली खोद कर कुछ जगह पाइप डाल दी है तो कुथ जगह अभी खाली छोड़ दी है। रोड रेस्टोरेशन का काम नहीं हो रहा। ऐसे में कई जगह सड़कों पर मिट्टी का ढूहा लग गया है। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते मिट्टी का यह मलबा आवागमन में परेशानी का सबब बन गया। दो पहिया वाहन चालक रपटने लगे। कई लोग दुर्घटना के शिकार हुए।

उधर कई जगह-जगह तो सीवर चैंबर बनाने के लिए जो बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं जिसके चलते सड़कों पर जगह ही नहीं बची है आने-जाने के लिए, जो संकरा रास्ता है उसी में से आना-जाना है और वह रास्ता भी फिसलनदार हो गया है लिहाजा जो लोग गिर-पड़ रहे हैं। लगातार ये परेशानियां झेल रहे लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत भी की लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा।

आलम यह है कि मिट्टी के ढेर के चलते सड़क का एक हिस्सा बंद होने से दूसरे हिस्से पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद से इन सड़कों पर चलना दुर्घटना का दावते देने सरीखा है।


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