UNLOCK में अब गूंजेगी शहनाई, 90 दिन बाद मिली बैंड बजाने वालों को अनुमति : शर्तें लागू


इंदौर। शहर में अब धीरे धीरे छूट मिलना शुरू हो गई है। शहर मेें पहले नियम के तहत दुकानें खोली गई फिर उसके बाद व्यापारिक प्रतिष्ठान,सरकारी-निजी दफ्तर खुलते गए और तो और सैलून तक की दुकान खोलने के आदेश दिए गए, लेकिन शादियों में बैंड बजाने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई। ऐसे में लंबे समय से शादियों में बैंड बजाने वाले परेशान हो रहे है। शादियों में बैंड बजाने वालो का मानना था कि हम लोग को भी शादियों में बैंड बजाने की अनुमति दी जाए, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण कोई भी व्यक्ति शादियों में बैंड बजाने वाले नहीं ले जा रहा था और शादियां भी सादगी से हो रही थी।

शर्तों और एसओपी का पालन अनिवार्य
बैंड बजाने वालों की समस्या पर जब कोई ध्यान नहीें दिया तो ऐसे में बैंड बजाने वाले सांसद शंकर लालवानी से शादियों में बैंड बजाने की अनुमति दिलाने की मांग की। सांसद बैंड वालों को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह के पास पहुंचे। सांसद शंकर लालवानी और कलेक्टर मनीष सिंह के बीच इस बात को लेकर चर्चा की गई। चर्चा के बाद कलेक्टर ने बैंड बजाने वालों को शर्तों और एसओपी का पालन करने की हिदायत देते हुए सोशल डिस्टेंसिंग में बैंड बजाने की अनुमित दे दी।

इन शर्तों के साथ अनुमति दी गई
बैंड बजाने वालों को शर्तों और एसओपी का पालन करने को कहा गया है। कलेक्टर मनीष सिंह ने बैंड और शहनाई बजाने वालों को कड़ी शर्तों के साथ अनुमति दी है। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि वे सीमित संख्या में विवाह कार्यक्रमों में सम्मिलित हो सकते है। 10 की संख्या में बैंड बजाने वाले और एक शहनाई बजाने वाला होंगा।

कुछ ही दिन ही बचा शादियों का सीजन
शादी विवाह के सीजन में महीनों पहले से बैंड पार्टियों की बुकिंग हो जाती है, लेकिन लॉकडाउन के चलते कई लोगों ने बिना बैंड बाजे के ही शादी कर ली। इससे बैंड बालों की दिक्कतें बढ़ गई। इनके पास कोई दूसरा व्यवसाय न होने पर परिवार के भरण-पोषण करने के भी लाले पड़ गए। ऐसे में इन्हें लॉकडाउन खुलने की आस थी, लेकिन लॉकडाउन खुलने के 20 दिनों से ये प्रशासन के चक्कर काट रहे थे तब जाकर अब बैंड बजाने वालों को परमीशन मिली है।


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