BHOPAL : पुराने मंत्रियों को नहीं मिलेगी जगह, नए चेहरों को बनाया जाएगा मंत्री, देखें लिस्ट


भोपाल। शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार गुरुवार को होने जा रहा है। दिल्ली से फाइनल लिस्ट मध्यप्रदेश आ गई है। इस लिस्ट में कुछ पुराने मंत्रियों के नाम कटना तय हो गया है, तो कुछ चेहरे भी लाए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार में करीब 25 मंत्री गुरुवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। प्रभारी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सभी मंत्रियों को शपथ दिलवाएंगी। इस मंत्री मंडल में 13 मंत्री भाजपा से बन सकते हैं, वहीं सिंधिया कोटे से 12 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

इस बार दिग्गजों के कटेंगे टिकट
सूत्रों के मुताबिक पहले की शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके दिग्गज नेताओं के टिकट कटना तय माना जा रहा है। इनमें तीन कैबिनेट मंत्री स्तर के हैं। बताया जा रहा है शिवराज सिंह की पिछली सरकार में मंत्री रहे रामपाल सिंह, संजय पाठक, राजेंद्र शुक्ल, विजय शाह, गौरीशंकर बिसेन, पारस जैन, अजय विश्नोई, सुरेंद्र पटवा, जालम सिंह और विश्वास सारंग को दोबारा मंत्री बनाना मुश्कल लग रहा है। जिन विधायकों को मंत्री नहीं बनाया जा रहा है उनसे प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे भाजपा कार्यालय में एक-एक से चर्चा कर रहे हैं। पूर्व मंत्री विजय शाह उनसे मिलने वालों में सबसे पहले नेता थे।

इन्हें मिलेगा दोबारा मंत्री पद
पूर्ववर्ती शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव और विश्वास सारंग को दोबारा जगह मिलनी तय मानी जा रही है। इनके अलावा अरविंद भदौरिया और चेतन कश्यप को भी मंत्री बनाने की चर्चा है।

अभी हैं सिर्फ 5 मंत्री
-फिलहाल शिवराज मंत्रिमंडल में केवल 5 मंत्री हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिमंडल में करीब 25 सदस्यों को शामिल किया जाएगा।

मध्यप्रदेश में हो सकते हैं दो डिप्टी सीएम
स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र भी दिल्ली पहुंच गए हैं। शिवराज कैबिनेट में शामिल किए गए पांच मंत्रियों में से तुलसी सिलावट और नरोत्तम मिश्रा को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा है।

इनको भी मिल सकता है मंत्री पद
इंदौर से उषा ठाकुर का नाम सबसे आगे है। इंदौर से ही भाजपा विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़ पर विचार हुआ है।

मालवा निमाड़ अंचल से मोहन यादव, चेतन कश्यप, यशपाल सिंह सिसोदिया, आदिवासी कोटे से विजय शाह या प्रेम सिंह पटेल भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।

भोपाल से रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री विश्वास सारंग और एससी कोटे से विष्णु खत्री, रायसेन से पूर्व मंत्री रामपाल सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

बुंदेलखंड से पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ एससी कोटे से हरीशंकर खटीक का नाम भी मंथन में आया है।

ग्वालियर चंबल से अरविंद भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया के साथ ओबीसी और नरेंद्र सिंह तोमर के कट्टर समर्थक भारत सिंह कुशवाह का नाम भी शामिल हो सकता है।

विन्ध्य से राजेंद्र शुक्ला या गिरीश गौतम में से किसी एक को मौका मिल सकता है। इसमें पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल को दोबारा भी मंत्री बनाया जा सकता है। ओबीसी कोटे से रामलल्लू वैश्य और एससी से कुंवर सिंह टेकाम के नाम पर भी चर्चा है।

महाकौशल से अशोक रोहाणी या अजय विश्नोई में से किसी एक को मौका मिलेगा। पूर्व मंत्री संजय पाठक, गौरीशंकर बिसेन और एसटी कोटे से देवी सिंह सैयाम का नाम पर भी सहमति बन सकती है।

सिंधिया गुट से 9 नाम
डा. प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, हरदीप सिंह डंग और रणवीर जाटव के नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। यह सभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं जो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं।


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