BHOPAL : आज से राजधानी में चार अगस्त तक रहेगा पूर्ण लॉकडाउन : राज्य स्तरीय कार्यालयों में सावधानी से होंगे कार्य


भोपाल। भोपाल में 24 जुलाई की रात आठ बजे से लॉक डाउन आरंभ हो गया है। यह चार अगस्त सुबह पांच बजे तक रहेगा। पूर्ण लॉकडाउन को लेकर उठ रहे सवालों का गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भोपाल में अभी कोई चुनाव नहीं है, जो राजनीतिक फायदे के लिए लॉकडाउन किया गया है। दिग्विजय सिंह सहित सवाल उठाने वाले लोग गारंटी लें कि कोरोना को रोक देंगे, हम लॉकडाउन हटा लेंगे। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसका धर्म और जाति से भी लेना-देना नहीं है। लॉकडाउन का उद्देश्य पवित्र है।


गृहमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर पूर्व मंत्री आरिफ अकील, विधायक आरिफ मसूद और शहर काजी से भी चर्चा हो चुकी है। भोपाल में लॉकडाउन अवधि में किसी कार्यालय में कोई कार्यक्रम नहीं होगा। भीड़ भी नहीं लगने दी जाएगी। मास्क नहीं पहनने पर जेल भेजने के सवाल पर कहा कि हमारे यहां ऐसा नहीं है, लेकिन हम लोगों से निवेदन करते हैं कि वे मास्क लगाएं। सरकार के हाथ में जो है, वह सरकार कर रही है। अस्पताल, वेंटिलेटर, दवा आदि का इंतजाम किया है। सावधानी बरतना तो लोगों के हाथ में है। उन्होंने भोपाल की बहनों से अपील भी कि वे इस बार ई-राखी पर्व मना लें।


सभी दफ्तरों में अधिकारियों की सौ फीसद उपस्थिति अनिवार्य

कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए संपर्क की कड़ी को तोड़ने के लिए अब चार अगस्त तक भोपाल में पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान राज्य स्तरीय कार्यालय खुलेंगे। इनमें अधिकारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रहेगी लेकिन कर्मचारी तीस फीसद ही बुलाए जाएंगे। कार्यालय आने वालों के लिए मास्क लगाना और शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा।


सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर भोपाल में लॉकडाउन के दौरान शासकीय कार्यालयों की स्थिति को स्पष्ट किया है। पत्र में कहा गया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भोपाल में लॉकडाउन किया है। इस दौरान शासकीय कार्य करने के लिए तय किया गया है कि राज्य स्तरीय कार्यालय खोले जाएंगे लेकिन कर्मचारियों को तीस फीसद ही बुलाया जाएगा। अधिकारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रहेगी। विभागीय अधिकारी तय करेंगे कि किस कर्मचारी को बुलाया जाना है।


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