INDIAN RAILWAY ने रचा इतिहास, 117 डिब्बों वाली सवा 2 KM लंबी मालगाड़ी एनाकोंडा गुजरी शहर से



भारतीय रेलवे ने मंगलवार को इतिहास रच दिया. रेलवे ने पहली बार 2 किमी लंबी और 177 डिब्बों वाली एक मालगाड़ी चलाई है. यह मालगाड़ी साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के अंतर्गत ओडिशा में चली. मालगाड़ी में 15 हजार टन सामान लदा हुआ था. यह मालगाड़ी ब्रजराजनगर से राउरकेला रेलवे स्टेशन के बीच चली.

राजधानी रायपुर से सोमवार की शाम 177 वैगन वाली करीब सवा 2 किमी लंबी मालगाड़ी एनाकोंडा गुजरी और रेलवे अफसरों ने इसे देश में अब तक की सबसे लंबी मालगाड़ी होने का तमगा दिया है। तीन इंजनों से खींची गई इस जंबो मालगाड़ी को सुबह भिलाई से रवाना किया गया और यह बिना रुके रायपुर और बिलासपुर होती हुई कोरबा पहुंच गई। रायपुर रेल मंडल के अफसरों ने दावा किया है कि देश में ट्रिपल इंजन लगाकर इतनी बडी़ मालगाड़ी चलाने का यह संभवत: पहला प्रयोग है।

मिली जानकारी के मुताबिक इस मालगाड़ी में लगे तीनों इंजन अाॅन थे, लेकिन सबसे पहले इंजन में तैनात लोको पायलट और सहायक ने मिलकर ही पूरी ट्रेन चला दी। सबसे पीछे एक गार्ड ही तैनात रहा,जैसा हर मालगाड़ी में होता है। इतनी बड़ी मालगाड़ी में कम से कम 9 क्रू-मेंबर होना चाहिए, लेकिन इसे तीन लोगों ने ही चला दिया। रायपुर मंडल के वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक डॉ. प्रकाश चंद्र त्रिपाठी ने इस ट्रेन को शाम साढ़े 5 बजे बीएमवाई भिलाई से रवाना किया। करीब पौन घंटे बाद यह मालगाड़ी रायपुर की सीमा में दाखिल हुई और अाउटर लाइन से बिना रुके अाधे घंटे में शहर क्रास कर गई। बताया गया कि यह रात 11 बजे कोरबा पहुंच गई। इस सफल परिचालन के बाद अब एनाकोंडा को रूटीन मालगाड़ी के तौर पर चलाने की तैयारी है।

रेंबलोट सिस्टम से चली एनाकोंडाएनाकोंडा के पहले इंजन में ही केवल ड्राइवर मालगाड़ी को चला रहे थे। पीछे के दोनों इंजन में कोई नहीं था। लेकिन दोनों इंजन में बराबर पावर काम कर रहा था, जो पहले इंजन के ड्राइवर चाह रहे थे। इस ऑटोमेटिक एडवांस तकनीक का नाम रेंबलोट सिस्टम है। रेलवे के जानकारों ने बताया कि इस सिस्टम के माध्यम से ही तीनों इंजन एक जैसी स्थिति व गति में चलती हैं। इसका पूरा संचालन पहले इंजन से होता है।

ये हैं सबसे लंबी मालगाड़ियां, स्टेशन से 5 मिनट में पारएनाकोंडा जैसे ही रायपुर स्टेशन पहुंची, यात्रियों में कौतूहल था क्योंकि यह बिना रुके गुजरती जा रही थी और डिब्बे खत्म ही नहीं हो रहे थे। कुछ ने इसका वीडियो भी बना लिया। अफसरों के मुताबिक इस ट्रेन को साधारण स्पीड में रायपुर स्टेशन को पूरी तरह से पार करने में पांच मिनट से भी अधिक का वक्त लगा। एनाकोंडा ने भिलाई से कोरबा की दूरी साढ़े पांच घंटे में तय की।

रेलवे अफसरों के मुताबिक तीन इंजन से चलने वाली मालगाड़ी के परिचालन से जहां समय की बचत होगी, वहीं कम स्टाफ में भी बेहतर परिचालन होगा। बता दें कि कोरबा से भिलाई तक कोयला व लौह अयस्क की बड़ी मात्रा में ढुलाई होती है। लोडिंग क्षमता बढ़ाने के लिए रायपुर मंडल ने यह प्रयोग किया है।




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