INDORE : मंत्री सिलावट से सवाल पूछने वाली युवती ने थाने में दर्ज कराई शिकायत, मंत्री समर्थकों पर ट्रोल करने और अपशब्द कहनेे के आरोप



इंदौर। मंत्री से सवाल पूछने वाली युवती ने लसूड़िया थाने में शिकायत की है कि मंत्री समर्थकों ने युवती को ट्रोल किया है। फेसबुक पर युवती के लिए आपत्तिजनक शब्द लिखे हैं। इस बात की शिकायत युवती ने लसूड़िया थाने में दर्ज कराई है जिसके बाद पुलिस मामले की जांच करने की बात कही है। इंदौर शहर के विजय नगर क्षेत्र के नरीमन प्वाइंट टाउनशिप में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री तुलसी सिलावट को एक लड़की की खरी खोटी सुननी पड़ी थी।

दरअसल मंत्री तुलसी सिलावट सांवेर विधानसभा के नरीमन पॉइंट में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। यहां की रहने वाली उपासना शर्मा ने मंत्री तुलसी सिलावट से कुछ ऐसे सवाल कर लिए कि वे सीधे-सीधे इसका जवाब ही नहीं दे पाए। उपासना शर्मा ने मंत्री तुलसी सिलावट से पहला सवाल किया कि कुछ दिनों पहले तक आप कांग्रेस में थे, लेकिन अब बीजेपी में आ गए हैं आपको कैसा लग रहा है। एक अच्छी खासी सरकार को आपने गिरा दिया। वहीं, दूसरा सवाल उपासना ने मंत्री तुलसी सिलावट से पूछा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुछ समय पहले ट्वीट किया था कि कांग्रेस सरकार के समय किसानों का कर्जा माफ हो गया है और बीजेपी में आने के बाद अब वह कहते हैं कि कर्जा माफ नहीं हुआ है। मैं भी उनकी एक वोटर हूं और सवाल पूछना मेरा हक है। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद जब क्ष्एक्24 ने उपासना से बात की तो उन्होंने बताया कि 14 सालों में उन्हें पहली बार लगा था कि हमारा शहर विकास की ओर जा रहा है। शहर में पहली बार आइफा जैसा बड़ा आयोजन होने वाला था। लेकिन उससे पहले सरकार गिरा दी गई। वहीं, उन्होंने तुलसी सिलावट पर भी सवाल खड़े किए कि जिस समय पर इंदौर शहर में कोरोना के मरीज आ गए थे, उस समय में स्वास्थ्य मंत्री थे लेकिन उन्होंने इसके लिए कुछ नहीं किया। वे सरकार बदलने में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि जब मैंने मंत्री सिलावट से यह सब सवाल पूछे तो उन्होंने मुझे एक ही जवाब दिया कि टाइगर जिंदा है। उपासना ने इसके जवाब में कहा कि टाइगर तो जिंदा है लेकिन उसका ज़मीर मर चुका है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए युवती ने कहा कि उन्होंने ऐसा ट्वीट किया था लेकिन अपने बयान से पलटने से पहले कम से कम मोटिवेट तो डिलीट कर देना था। भले ही सरकार बदल गई हो, लेकिन इन लोगों का कुछ नहीं गया। यह पहले भी मंत्री थे और अब भी मंत्री हैं, लेकिन एक कार्यकर्ता जिसने अपना पार्टी को वोट दिया था उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।


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