REWA : रीवा जिले का ऐसा क्षेत्र जहाँ इलाज के लिए जाना होता है 100 KM दूर : ग्रामीणों का बुरा हाल, नहीं हो रही सुनवाई


रीवा. आमजन की हिफाजत और उन्हें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के चाहे जितने वादे किए जाएं लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। आलम यह है कि लोगों को इलाज के लिए 100-100 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। कहीं अस्पताल नहीं तो कहीं डॉक्टर नहीं। लोग लगातार लिखा-पढ़ी कर रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

अब मध्य प्रदेश में रीवा जिले के त्योंथर क्षेत्र का ही उदाहरण लें तो यहां के रायपुर सोनौरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है पर उसमें डॉक्टर नहीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन खड़ा है। ऐसे में इलाके के लोगों को इलाज के लिए 100 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। यही नहीं उन्हें प्रदेश की सीमा लांघ कर मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जाना पड़ता है।

सीएमएचओ भी इस बात को स्वीकार करते हैं, कहते हैं कि यहां लंबे समय से किसी डॉक्टर की पोस्टिंग ही नहीं हुई। विभागीय अधिकारियों को कई बार इसके लिए पत्र लिख चुके हैं। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर एस पांडेय का कहना है कि लंबे समय से जिले में डॉक्टरों की भर्ती नहीं हो सकी है। इसके लिए उन्होंने कई पत्र भी लिखे, लेकिन समस्या का हल नहीं मिला।

अब इस वक्त जब पूरा देश, पूरी दुनिया वैश्विक बीमारी कोरोना से जूझ रही है, ऐसे संकटकाल में भी स्वास्थ्य विभाग को अपने ही अधिकारी के पत्र देखने तक का समय नहीं।

उधर सिंगरौली जिला मुख्यालय पर जयंत क्षेत्र के सिंपलेक्स कॉलोनी में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन बन कर तैयार है पर यहां भी न डॉक्टर हैं न अन्य मेडिकल स्टॉफ। लिहाजा आसपास के गरीब लोगों को चिकित्सा सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है । इन लोगों को चिकित्सा सुविधा व उपचार के लिए जयंत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या बैढ़न स्थित जिला चिकित्सालय तक जाना पड़ता है। बताया गया कि कॉलोनी में निवास करने वाले अधिकतर निर्धन व श्रमिक परिवारों को उनके निकट ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगभग 1 वर्ष पहले चिकित्सालय भवन का मंजूर किया गया। अब उप चिकित्सा केंद्र का भवन बनकर तैयार हो गया है मगर चिकित्सा सुविधा शुरू नहीं हो सकी है।


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