REWA : दफ्तरों में घुसा कोरोना ,कर्मचारियों में दहशत : 14 दिन के लिए दफ्तर कोरेंटीन करने की मांग : कल रहेगा पूर्ण LOCKDOWN


रीवा. कोरोना का कहर तेज होता जा रहा है। कई दफ्तरों तक संक्रमण पहुंच चुका है। ऐसे में सरकारी दफ्तर में काम करने वालों में दहशत का माहौल है। अब जैसे ही लोगों को मालूम हुआ कि नगर निगम के दफ्तर में भी कोरोना का संक्रमण पहुंच गया है तो वहां अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तत्काल भाग कर बाहर निकल आए। कर्मचारियों ने मांग की कि नगर निगम दफ्तर को 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया जाए।

निगम कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय में कोरोना को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। कार्यलय को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है और न ही सुरक्षा को लेकर कोई कदम उठाए जा रहे हैं। नगर निगम कर्मचारी संघ के राजेश चुर्तर्वेदी ने कहा कि निगम प्रशासन अगर निर्णय नहीं लेता है तो कर्मचारी खुद ही कोई निर्णय लेने को स्वतंत्र होंगे जिसकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।

वैसे कोरोना मरीज सामने आने के बाद पंजीयन कार्यालय को बंद कर दिए गया था। लेकिन भोपाल से आए आदेश के बाद कलेक्टर ने एक बार फिर पंजीयन कार्यालय का कामकाज शुरू करवा दिया, जबकि अधिकारी के कक्ष को बंद कर दिया गया है। वहीं निगम के उस कक्ष को भी सील किया गया है जिसमें बैठकर कर्मचारी कम्प्यूटर पर काम करता था। वहीं कर्मचारियों की मांग है कि पूरा कार्यालय सील करके सभी की जांच कराई जाए।

बीते 24 घंटे के अतंरात में जिले में कोरोना के 8 मरीज सामने आए हैं। जिसमें अधिकारी-कर्मचारी एवं दवा विक्रेता है। इसके चलते जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या 167 हो गई है। वहीं 8 मरीजों के ठीक हो जाने से उनकी छुट्टी हो गई और 88 केस सक्रिय हैं।

शनिवार-रविवार को पूर्ण लॉकडाउन

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह विभाग के निर्देश पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट इलैयाराजा टी ने संपूर्ण रीवा जिले में प्रत्येक शनिवार तथा रविवार को लॉकडाउन के आदेश दिए हैं। यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों तथा कोरोना से बचाव के निर्देशों का पालन न करने वालों के विरूद्घ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिले में प्रतिदिन रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। जिले में संचालित सभी संभागीय एवं जिला स्तरीय शासकीय कार्यालय सामान्य रूप से संचालित होंगे। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर शासकीय तथा अशासकीय कार्यालयों एवं निजी प्रतिष्ठान 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ संचालित किए जाएंगे। सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों की शत- प्रतिशत उपस्थित रहेगी। राजस्व अर्जित करने वाले कार्यालय सामान्य रूप से खुले रखे जाएंगे। शासकीय तथा निजी संस्थानों में यदि कोई व्यक्ति कोविड-19 संक्रमित पाया जाता है तो लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार समस्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिबंध की अवधि में राजस्व, पुलिस, बैंक, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय तथा अति आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने वाले विभाग लॉकडाउन से मुक्त रहेंगे। निरंतर उत्पादन करने वाले औद्योगिक संस्थान भी लॉकडाउन से मुक्त रहेंगे। कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय स्तर एवं राज्य स्तर से जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों, मास्क अथवा फेस कवर उपयोग न करने वालों तथा शरीरिक दूरी का पालन न करने वालों के विरूद्घ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विवाह, अंत्येष्टि कार्यक्रम, निजी कार्यक्रम में निर्धारित संख्या से अधिक संख्या में लोगों के शामिल होने पर भी आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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