REWA : तीन साल बाद मासूम बच्ची के कातिलों का लगा पता, PM रिपोर्ट से हुआ खुलासा : हत्या का मामला दर्ज


रीवा। कहते है सत्य को कभी छिपाया नहीं जा सकता है। वह किसी न किसी रूप में एक दिन सामने आ ही जाता है। एक बच्ची की हत्या का सच तीन साल बाद ही सही लेकिन सामने आ गया। जब इसका खुलासा हुआ तो तीन साल बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

घर में जली हालत में पड़ी थी किशोरी
मऊगंज थाना क्षेत्र के ग्राम फूलकरण सिंह निवासी संगीता कोल पिता सुरेश 14 वर्ष की 6 जून 2017 को मौत हुई थी। किशोरी अपने घर में आग से जल गई थी जिसका पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। इस घटना को परिजन सहित पुलिस आत्महत्या मान रही थी। उक्त बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को घटना के दो माह बाद ही मिल गई थी जिसमें डाक्टर ने गला घोंटकर हत्या करने व शव को जलाने की जानकारी दी थी लेकिन उस समय इस रिपोर्ट को ध्यान नहीं दिया गया और मर्ग की जांच ही चलती रही। करीब तीन साल पुराने इस मर्ग की सत्यता उस समय सामने आई जब कुछ दिन पूर्व मर्ग डायरी को पुलिस नस्तीबद्ध करने की तैयारी कर रही थी। इस दौरान जब उसके दस्तावेजों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन किया गया तो खुद थाना प्रभारी के पैरों तले से जमीन खिसक गई।

एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पीएम रिपोर्ट में हत्या की बात स्पष्ट तौर पर लिखी हुई थी। थाना प्रभारी ने पूरे मामले की जानकारी एसपी को दी और एसपी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर उसमें हत्या का मामला दर्ज हुआ। पुलिस अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर रही है। आरोपियों ने हत्या के बाद साक्ष्य को मिटाने के प्रयास में शव को जलाया था जिस पर धारा 302, 201 के तहत कार्रवाई की गई है। तीन साल बाद ही सही लेकिन उक्त मासूम बच्ची को अब न्याय मिलने की उम्मीद एक बार फिर जगी है।

यह थी पूरी घटना
यह घटना करीब तीन साल पुरानी है। 6 जून 2017 को किशोरी के माता-पिता गांव में ही आयोजित किसी वैवाहिक समारोह में शामिल होने गए थे। इस दौरान किशोरी घर में अकेले थी जो संदिग्ध परिस्थितियों में आग से जल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर जब परिजन वापस आए तो किशोरी का पूरा शरीर जल गया था। उसके आग लगाकर आत्महत्या करने की बात सामने आ रही थी। प्रथम दृष्ट्यिा पुलिस भी यह मान रही थी उसने आत्महत्या की है लेकिन सत्यता कुछ और थी।


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