मध्यप्रदेश में इस जिले के 50 से ज्यादा चयनित शिक्षकों की 2 साल से नियुक्ति ना होने के खिलाफ राज्यपाल से मांगी इच्छा मृत्यु की अनुमति


भिंड। मध्यप्रदेश सरकार ने 2011 से 8 साल के लंबे इंतजार के बाद साल 2018 में शासकीय शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी. जिनमें चयनित हुए 19200 उच्च माध्यमिक और 11374 माध्यमिक अभ्यर्थियों को 2 साल बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई. इसी के विरोध में प्रदेश भर में चयनित शिक्षकों द्वारा अभियान चलाकर ज्ञापन सौंपने का काम चल रहा है. इसी के चलते भिंड जिले में भी आधा सैकड़ा चयनित शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा है.
इन चयनित शिक्षकों का कहना है कि सितंबर 2018 में चयनित शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है 1 जुलाई 2020 से 3 जुलाई 2020 तक वेरिफिकेशन का काम भी किया गया, लेकिन उसके बाद वेरिफिकेशन का कोरोना का बहाना बनाकर बंद कर दिया गया. उसके बाद से सभी चयनित शिक्षक कोरोना के संबंध में जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए ज्ञापन सौंपकर इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं.बावजूद इसके आज तक ना ही मुख्यमंत्री और ना ही शिक्षा मंत्री की ओर से किसी भी तरह का आश्वासन मिला है. 
ऐसे में 28 अगस्त के दिन पूरे मध्यप्रदेश में चयनित और वेटिंग प्राप्त शिक्षक रिजल्ट की बरसी मनाते हुए रिजल्ट प्रतियों का दहन कर मुंडन करवाएंगे.साथ ही 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर भोपाल पहुंचकर काला दिवस मनाते हुए आमरण अनशन पर बैठेंगे. इस के साथ ही इन चयनित शिक्षकों ने राज्यपाल से भी गुहार लगाई है कि या तो उनकी नियुक्ति प्रदान करें या उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए.


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