MP के रीवा जिले में इस तहसील क्षेत्र की महिलाओं ने हाथ में पकड़ी बंदूकें : कारण जान उड़ जाएंगे आपके होश


रीवा. दस्यु प्रभावित जिले के सेमरिया तहसील क्षेत्र की आदिवासी महिलाएं सुरक्षा के लिए सबला बन रहीं हैं। खुद और परिवार की सुरक्षा के लिए बंदूक थाम रहीं हैं। सामूहिक प्रशिक्षण के लिए महिलाओं का समूह बंदूक थामे निकलता है तो हर कोई दंग रह जाता है।


घूंघट की आड़े में सुरक्षा का सुर सीख रहीं इन महिलाओं को सरकारी प्रोत्साहन भी मिल रहा है। पांच महिलाओं को लाइसेंस मिल चुके हैं। कई अन्य कतार में हैं। सेमरिया तहसील के के सुदूरवर्ती गांव ककरेड़ी, मैनहा, मझियार की महिलाओं में यह सोच और हिम्मत एक समूह गठित करने के बाद आई।


मुख्यमंत्री ने दिया लाइसेंस 

महिलााओं के जब्जे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इन्हें लाइसेंस देने का आदेश दिए हैं। साथ ही बंदूक खरीदने के लिए किस्तों में कीमत चुकाने की सुविधा भी दी गई है। पांच महिलाओं ने बंदूक खरीद ली है। ग्राम उत्थान समिति की अध्यक्ष सुंदरिया बताती हैं कि वे समूह के साथ घर में काम-काज और बाहर सुरक्षा के लिए गांव की अन्य महिलाओं को जागरुक कर रहीं हैं।


यूपी सीमा से सटा क्षेत्र दस्यु प्रभावित है। बीहर के गांवों से पुलिस चौकी कोसो दूर है। ऐसे में डकैतो से निपटने के लिए महिलाएं बंदूक थाम रही हैं। ये महिलाएं उन्हें परेशान करने वाले अन्य बदमाशों से भी निपटने के लिए तैयार हो रही हैं।


इस तरह बढ़ा कारवां 

सेमरिया के मझियर की सुंदरिया ने अजीविका मिशन के तहत समूह का गठन किया है। उनके जब्जे को देखते हुए गांव की ज्यादातर महिलाएं जुड़ गई हैं। और कंधे से कंधा मिलाकर अब उनका साथ दे रहीं हैं। महिलाएं गांव में घूम-घूमकर सुरक्षा करती हैं। उनकी सक्रियता से आज इस गांव में डकैत और बदमाश जाने से कतराते हैं।


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