REWA : कलेक्टर से सीधी-बात : दूसरे की जिंदगी खतरे में डालने वालों पर होगी कार्यवाही



रीवा. अनलॉक के बाद संक्रमण की गति तेज हो गई है। जिले में 1500 मरीज हो गए हैं। जिला प्रशासन संक्रमण को काबू में करने के लिए कई प्रयास कर रहा है। मीडिया ने कलेक्टर से बात कर पता लगाने की कोशिश की है कि क्या त्योहार के पहले लॉकडाउन की जरूरत है। कलेक्टर का कहना है कि लॉकडाउन अंतिम विकल्प, फिलहाल हमारा ध्यान जांच और अस्पतालों में बेड बढ़ाने पर है। लॉकडाउन के लिए केन्द्र व स्टेट गौरमेंट की ओर से गाइड लाइन निर्धारित की गई है। कलेक्टर ने कहा कि दूसरे की जिंदगी खतरे में डालने वालों पर कार्रवाई होगी।

प्रस्तुत है कलेक्टर से बात-चीत के अंश.....

1-प्रश्न: क्या आपको नहीं लगता कि मरीजों की बढती संख्या देखते हुए लॉकडाउन की जरूरत है क्योंकि आने वाले समय में त्यौहार हैं उससे पहले संक्रमण पर काबू जरूरी है

जवाब: लॉकडाउन के लिए केन्द्र व स्टेट गौरमेंट की ओर से गाइड लाइन निर्धारित की गई है। गाइड लाइन का अनुपालन कराया जा रहा है। पहले की गाइड लाइन के तहत जिला स्तर पर क्राइसेस मनेजमेंट कमेटी के सुझाव भी लिए गए हैं। शासन की गाइड लाइन तय कर दी गई है। अब संक्रमितों के आवास गाइड लाइन के तहत कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिए गए हैं। लॉकडाउन की व्यवस्था शासन स्तर पर तय की जानी है।

2-प्रश्न: यदि हां तो आप किस तरह के लॉकडाउन के फेवर में हैं।

जवाब: जिला स्तर पर क्राइसेस मनेजमेंट कमेटी ने लॉकडाउन के दौरान अंतिम बैठकों में निर्णय के लिए सुझाव लिए गए हैं। सुझाव में लॉकडाउन की आश्यकता नहीं की भी बात आई है। महामारी से निपटने के लिए गाइड लाइन के अनुपालन में काम किया जा रहा है। लॉकउाडन के लिए क्राइसेस मनेजमेंट कमेटी का सुझाव लेंगे। सहमती बनने पर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

3 प्रश्न : लॉकडाउन नहीं कर रहे हैं तो बाजार में भीड रोकने के लिए क्या उपाय कर रहे हैं

जवाब: शासन के गाइड लाइन के तहत रोकथाम किया जा रहा है। बाजार में भीड़ रोकने के लिए व्यापारियों, प्रतिष्ठान संचालकों के साथ समय-समय पर बैठकें। दुकानों पर पांच व्यक्तियों को प्रवेश की व्यवस्था बनाई है। दुकानदार मास्क लगाएं। दुकानों में बिना मास्क व सेनेटाइजर प्रवेश पर वर्जित है। जनता में बचाव के लिए जागरुक किया जा रहा है। लोग खुद व अपने परिवार को सुरक्षित करें। दूसरों की जिंदगी खतरे में डालने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। गाइड लाइन का पालन नहीं करने वालों पर अभियान चलाकर अर्थदंड भी लगाए जा रहे हैं।

4 प्रश्न: अस्पतालों में बेड की अवेलेबिलिटी नहीं है कैसे व्यवस्था बढाएंगे

जवाब: अभी यहां पर ऐसी स्थित नहीं है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में बेड की व्यवस्था है। जिला अस्पताल में अभी हाल में ही 18 बेड का आइसीयू तैयार किया गया है। जिसमें पांच बेड पर मरीज हैं। शेष खाली पड़े हैं। इसके अतिरिक्त संजय गांधी अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था है। तीन जगहों पर ट्रीटमेंट की व्यवस्था बनाई गई है।

5 प्रश्न: त्योहारों को लेकर क्या रणनीति तैयार कर रहे हैं आप

जवाब: शासन के निर्देश पर 6 फीट की मूर्तियां बनाने की गाइड लाइन निर्धारित की गई है। बिना प्रशासन की अनुमति कोई भी पंडाल या फिर सार्वजनिक स्थलों पर पंडाल या फिर किसी तरह का कार्यक्रम नहीं होंगे। जिला शांति समिति की बैठक की जाएगी।

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