SARKARI NAUKARI : सरकार महिलाओं, बेटियों को देती है छूट और लाभ, जानिये इन सरकारी योजना के बारे में


देश भर में 27 सितंबर, रविवार को डॉटर्स डे यानी बेटी दिवस मनाया जाएगा। हर साल इस दिन सरकारी स्‍तर पर कार्यक्रम होते हैं। शैक्षणिक संस्‍थानों में बेटियों को लेकर गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इनमें मुख्‍य रूप से बेटियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं और उन सरकारी योजनाओं के बारे में बताया जाता है, जिनसे बेटियों, महिलाओं को विशेष छूट, लाभ आदि दिए जाते हैं। केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना PMGKY के तहत खातों में पैसा भेजा रहा है। जन धन योजना Jan Dhan के तहत भी जन धन खातों में 500 रुपए हर महीने जमा किए जा रहे हैं। उज्‍जवला योजना के तहत निशुल्‍क LPG कनेक्‍शन भी बांटे जा रहे हैं। खास बात यह है कि जन धन खातों की राशि महिलाओं के खातों में दी गई। आज भी गांव, कस्‍बों व अंचलों में रहने वाली कई महिलाओं को कई अन्‍य सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं है जिससे उन्‍हें सीधे फायदा होता है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसी ही बैंकिंग योजनाएं, होम लोम स्‍कीम, सरकारी योजनाएं, नियम और प्रावधान, जिनमें बेटियों, महिलाओं को बड़ा फायदा एवं छूट दी गई है।

बैंकिंग सेक्‍टर : कम ब्‍याज के ऑफर, यह है लाभ

बैंकिंग सेक्‍टर ने महिलाओं को अच्‍छी खासी छूट दी है। अधिकांश बैंकिंग, गैर बैंकिंग संस्‍थानों के पास पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए कम ब्‍याज दरों पर होम लोन के ऑफर्स हैं। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को 0.05ऽ कम ब्‍याज दर से होम लोन मिलता है। इसके पीछे यह कारण है कि लोन देने वाली कंपनियां महिलाओं को लोन देना सुरक्षित मानती हैं।

इन योजनाओं में मिलता है कम ब्‍याज पर लोन

महानगरों में रीयल एस्‍टेट में महिलाओं का अच्‍छा खासा दखल है। यहां 30 प्रतिशत संपत्ति खरीदने वालों में महिलाएं ग्राहक होती हैं। कामकाजी महिलाओं के लिए कई होम लोन योजनाएं सामने आईं हैं। इन योजनाओं में रियायती ब्‍याज दरों पर होम लोन के ऑप्‍शन मौजूद होते हैं। लोन देने वाली कई कंपनियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, एचडीएफसी वूमन पॉवर जैसी योजनाओं के तहत महिलाओं को कम ब्‍याज दरों पर होम लोन की पेशकश की है।

यह योजना भारत सरकार द्वारा लोगों को सस्‍ते घर मुहैया कराने के लिए शुरू की गई हो 31 मार्च 2022 तक चलेगी। महिलाओं के लिए इस योजना में बहुत लाभ के प्रावधान हैं। इसमें विधवा, अकेली महिला, एससी-एसटी वर्ग की महिलाएं, दिव्‍यांग, नौकरीपेश महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। महिलाओं के नाम पर घर की रजिस्‍ट्री कराए जाने पर सरकार की ओर से करीब ढाई लाख रुपए की सब्सिडी मिलती है, लेकिन शर्त यह है कि घर पहला ही होना चाहिये।

जानिये क्‍या हैं इस योजना का लाभ लेने की शर्तें

HDFC Bank Women Power Scheme एचडीएफसी बैंक की वूमन पॉवर स्कीम :

HDFC Bank ने पिछले साल वूमन पॉवर नाम से स्‍पेशल स्‍कीम यानी विशेष योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्‍य यह था कि महिलाएं स्‍वयं के नाम से घर खरीद सकें। योजना के तहत HDFC Bank महिलाओं को 9.85 की सालाना ब्‍याज दर से होम लोन की सुविधा देता है। क्तक़्क़क् एठ्ठदत्त् भी अन्‍य बैंकों की तरह उन सभी महिलाओं को यह पेशकश करता है जो संपत्ति की एकमात्र स्‍वामिनी हैं या संपित्‍त में सहभागी हैं। HDFC Bank की यह योजना उन महिलाओं के लिए भी लाभकारी है, जिनके पास स्‍वयं आय का कोई स्‍त्रोत नहीं है।

ब्‍याज दरों पर 0.5 प्रतिशत की छूट

HDFC Bank की इस योजना में महिलाओं को होम लोन पर 0.5 प्रतिशत की छूट दी जाती है। ऐसा करते हुए महिलाओं को समाज में आत्‍मनिर्भर बनाने में बैंकिंग सेक्‍टर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

महिलाओं के लिए चल रही हैं इतनी होम लोन योजनाएं

Banking Sector  की कई संस्‍थाएं होम लोन की योजनाएं प्रदान करती हैं, जिनमें महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान हैं। पुरुषों की तुलना में यदि महिला आवेदक है तो उसे ब्‍याज दर में छूट मिलती है। इनमें SBI Home Loan, HDFC Home Loan, ICICI Home Loan, Axis Home Loan, DHFL, Bank of Baroda Home Loan, LIC Home Loan, UCO Bank Home Loan and Vijaya Bank Home Loan  आदि प्रमुख हैं। इन योजनाओं में महिलाओं के पास ऑप्‍शन की कमी नहीं है और वे अपनी सुविधा के अनुसार बेहतर डील का चयन कर सकती हैं।

स्‍टाम्‍प ड्यूटी में भी छूट

यदि कोई महिला संपत्ति खरीदती है तो आमतौर पर उन्‍हें स्‍टाम्‍प ड्यूटी में एक या दो फीसदी की छूट मिलती है। महिलाओं को इस अच्‍छी खासी बचत का फायदा मिल जाता है।

टैक्‍स में यह रिबेट

जो महिलाएं होम लोन ले रही हैं, उन्‍हें सरकार की ओर से टैक्‍स में भी छूट का प्रावधान है। महिलाओं को मूल धन और ब्‍याज पर लगने वाले कुल टैक्‍स में 2 लाख रुपए तक की छूट का लाभ मिलता है।

महिलाओं के आवेदक होने से लोन में मिलता है यह लाभ

होम लोन हो या अन्‍य कोई लोन, आजकल यह देखने में आ रहा है कि बैंक या वित्‍तीय संस्‍थान हर केस में एक सह-आवेदक को शामिल किए जाने पर जोर दे रहे हैं। यह सह-आवेदक महिला होना चाहिये। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि महिलाओं के साथ में होने से लोन मंजूर होने की संभावना अधिक रहती है। होम लोन प्रदान करने से पहले कई बैंक या संस्‍थाएं आवेदक की आय, देनदारी, संपत्ति, उम्र, सिबिल स्‍कोर, क्रेडिट क्षमता, संपत्ति का मूल्‍य और लोन लेने वाले की चुकाने की क्षमता आदि को देखते हैं। लेकिन यदि साथ में महिला है या आवेदक स्‍वयं महिला है जो उन्‍हें बेहतर ब्‍याज दरों पर होम लोन मिल जाता है। यह सुविधा नौकरीपेशा या हाउस वाइफ दोनों प्रकार की महिलाओं के लिए है।

यह राज्‍य सरकार करेगी नवविवाहितों की सहायता, दुल्हनों को 10 ग्राम सोना देने का एलान

असम में शुरू हुई अरुंधति गोल्ड स्कीम के तहत राज्य सरकार ने कार्य करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को गुवाहाटी में लाभार्थियों को वित्तीय सहायता वितरित की। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस स्कीम के तहत 40,000 नए विवाहित जोड़ों को वित्तिय सहायता देने का लक्ष्य का रखा गया है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि विवाह जिम्मेदारी का काम होता है और इस योजना के तहत विवाह पंजीकरण करने वाली महिलाओं के अधिकारों की रक्षा होती है। अरुंधति स्वर्ण योजना के तहत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए सीएम ने गुवाहाटी में श्रीमंत शंकरदेवा कलाक्षेत्र में अपनी बात रखी।

प्रत्येक वर्ग को मजबूत करने के लिए लागू कर रही नई योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य उस बालिका के माता-पिता को सुविधा प्रदान करना है, जो आर्थिक रूप से बहुत अधिक मजबूत नहीं है, लेकिन दूसरे अन्य माता-पिता के जैसे उनकी इच्छा भी होती है कि वह अपनी बेटी को शादी में कुछ सोना उपहार दें। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न नवीन योजनाओं को लागू कर रही है।

योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को मिलेगा 10 ग्राम सोना

बता दें कि राज्य सरकार द्वारा अरंधित स्वर्ण योजना के तहत दुल्हनों को 10 ग्राम सोना देने का एलान किया था। इस योजना पर सरकार ने 800 करोड़ खर्च करेगी। इस साल जनवरी से इस योजना का शुरू किया गया है। गौरतलब है कि असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने राज्य का 2019-20 बजट पेश करते समय ही यह घोषणा की थी।

योजना का लाभ उठाने के लिए करना होगा ये काम

इस योजना का लाभ उठाने के लिए दुल्हन का वयस्क होना जरुरी है। इसके साथ ही उसका 10वीं पास होना भी उतना ही जरुरी है। साथ ही उन्होंने बताया कि दुल्हन को इसके लिए अपनी शादी को रजिस्टर्ड भी कराना जरुरी है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए दुल्हन के परिवार की सालाना आय 5 लाख से कम होना चाहिए। इन सभी शर्तों को पूरी करने के बाद ही सरकार की ओर से 10 ग्राम सोना उपहार में दिया जाएगा। अरुंधति स्वर्ण योजना का लाभ लड़की को पहली बार शादी पर ही मिलेगा।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना  Mantri Ujjwala Yojana (PMUWY)

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एक ऐसी योजना है जो पूरी तरह से महिलाओं को समर्पित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की सुविधा का ध्‍यान रखने के लिए ही बड़े पैमाने पर इसे 1 मई 2016 को शुरू किया था। इसमें महिलाओं को गैस कनेक्‍शन पूरी तरह से निशुल्‍क दिया जाता है। यदि आप इस योजना का लाभ पाने के दायरे में आते हैं या किसी ऐसे परिवार को जानते हैं जो इसके दायरे में आता है तो नजदीकी किसी भी गैस एजेंसी पर जाकर योजना की पूरी जानकारी ले सकते हैं।

Sukanya Samriddhi Yojana सुकन्‍या समृद्धि योजना

सुकन्‍या समृद्धि योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने दिसंबर 2014 में की थी। इसके तहत जन्‍म से लेकर 10 साल तक की आयु की कन्‍याओं का बैंक खाता खोला जाता है। इसमें कोई नागरिक निकटकम बैंक या पोस्‍ट ऑफिस में खाता खोल सकता है। इसके लिए एक हजार रुपए जमा कराना होते हैं। योजना का मुख्‍य मकसद बेटियों की पढ़ाई के लिए धन की बचत करवाना है।

यूपी के अमेठी में अनूठी पहल, 500 महिलाओं को ऐसे मिलेगा रोजगार

कोरोना महामारी में हर तरफ लोग परेशान हैं। इस आपदा में इको लाइफ इंडिया ने महिलाओं को अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगे आया है। आठ माह की मेहनत में पांच सौ महिलाओं ने घर बैठे रोजगार पाकर लगभग एक लाख रुपये कमाया है। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने व स्थानीय कच्चे माल पर आधारित उत्पाद तैयार करने के लिए कटरा महारानी के संदीप सिंह ने 500 महिलाओं का समूह तैयार किया है। महिलाएं आयुर्वेदिक नीम और तुलसी के पाउडर के अलावा कॉटन बैग, डिजायनर पावदान व शर्ट तैयार कर रहीं हैं। पुरानी साड़ियों के कॉटन से बने 600 पावदान खरीदने का आर्डर भी दिया है।

संदीप बीकॉम करने के बाद नौकरी की तरफ भागने की जगह खुद का काम शुरू करने का ठानी। उन्होंने ने 500 महिलाओं का समूह गठित कर इको लाइफ इंडिया नाम से फर्म बनाया है। यह फर्म फरवरी 2020 से अमेठी के बीस गांवों में महिलाओं के बीच काम कर रही है। महिलाओं को स्थानीय स्तर पर कच्चा माल संदीप उपलब्ध करा रहे हैं। जिससे महिलाएं उत्पाद तैयार कर रहीं हैं।

आठ माह में संदीप ने लगभग 80 हजार रुपये का कच्चा माल खरीदने पर खर्च किया है। जिससे महिलाओं को लगभग एक लाख रुपये का लाभ हुआ है। संदीप ने कहा कि नवंबर में लखनऊ के हुनर हाट में अमेठी की महिलाओं द्वारा उत्पाद की बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि इको लाइफ इंडिया से और महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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