Kangana Ranaut की कोर्ट में हुई जीत, BMC की कार्यवाही पर लगी रोक : BMC अपने खर्च से बनवाएगा कंगना का ऑफिस

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Kangana Ranaut और मुंबई महानगर पालिका यानी BMC का झगड़ा बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गया है। बीएमसी ने मंगलवार को अभिनेत्री के ऑफिस में अवैध निर्माण का नोटिस दिया था और आश्चर्यजनक फूर्ति दिखाते हुए अगले ही दिन यानी बुधवार को तोड़फोड़ मचा दी थी। 

इसके खिलाफ Kangana Ranaut ने उसी दिन बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां कोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी। अब कहा जा रहा है कि यदि हाई कोर्ट में Kangana Ranaut की जीत होती है और बीएमसी का यह आरोप गलत साबित होता है कि ऑफिर में अवैध निर्माण हुआ है तो बीएमसी को अपने खर्च से ऑफिस दोबारा बनवाना पड़ सकता है।

मिड डे ने वरिष्ठ वकील दिनेश तिवारी के हवाले से कहा कि बीएमसी की कार्रवाई पर राजनीतिक प्रभाव दिखाता है और अदालत इस मामले में सार्वजनिक भावनाओं को भी खारिज नहीं कर सकती है। अगर निर्माणकार्य ढहाना अवैध पाया जाता है, तो बीएमसी को संरचना का पुनर्निर्माण करना होगा और नुकसान का भुगतान करना होगा। बीएमसी की यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।

जारी है Kangana Ranaut बनाम शिवसेना का पंगा

इस बीच, शिवसेना और Kangana Ranaut के बीच पंगा जारी है। अभिनेत्री ने गुरुवार को ट्वीट किया, 'मेरे कई मराठी दोस्त कल फोन पर रोए, कितनों ने मुझे सहायता हेतु कई सम्पर्क दिए, कुछ घर पर खाना भेज रहे थे जो मैं सिक्यरिटी प्रोटोकॉल्ज़ के चलते स्वीकार नहीं कर पाई, महाराष्ट्र सरकार की इस काली करतूत से दुनिया में मराठी संस्कृति और गौरव को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। जय महाराष्ट्र।'

Kangana Ranaut ने अपने एक और ट्वीट में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को निशाना बनाया। कंगना ने लिखा, तुम्हारे पिताजी के अच्छे कर्म तुम्हें दौलत तो दे सकते हैं मगर सम्मान तुम्हें खुद कमाना पड़ता है, मेरा मुँह बंद करोगे मगर मेरी आवाज़ मेरे बाद सौ फिर लाखों में गूंजेगी, कितने मुँह बंद करोगे? कितनी आवाज़ें दबाओगे? कब तक सच्चाई से भागोगे तुम कुछ नहीं हों सिर्फ़ वंशवाद का एक नमूना हो।'

वहीं शिवसेना ने भी अपने मुखपत्र सामना में कंगना के महाराष्ट्र पर दिए बयानों का विरोध किया है।

 
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