190 दिनों से बंद पड़े भगवान के दरबार अब भक्तों के लिए खुल गए , सभी मंदिरों में भी कीजिए दर्शन : ये होंगे नियम



उज्जैन। कोरोना महामारी के चलते करीब 190 दिनों से बंद पड़े भगवान के दरबार अब सभी के लिए खुल गए हैं। मंगलवार से महाकाल समेत सभी मंदिरों में प्रवेश देना शुरू कर दिया है। प्रशासनिक आदेश के बाद परिसर के सभी मंदिरों में जाने की इजाजत दे दी गई। हालांकि मंदिर में टीका लगाने या नाड़ा बांधने पर पाबंदी रहेगी।

महाकाल परिसर स्थित अब सभी मंदिर में भी श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलने लगा है। श्रद्धालु महाकाल समेत अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकेंगे। अनलॉक 3 के 21 सितंबर से लागू हुए प्रावधान, सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम के लिए श्रद्धालु लगातार मांग कर रहे थे। मंदिर के प्रशासनक एसएस रावत ने मंगलवार से परिसर स्थित अन्य मंदिर में भी दर्शन करने की अनुमति दे दी है।

सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी

इधर, मंदिर परसिर में घूमने व दर्शन के दौरान सबी दर्शानार्थियों, कर्मचारियों, पुजारी-पुरोहितों को कोविड-19 के सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। आने वाले दर्शनार्थियों को भी मास्क व सेनेटाइजर का उपयोग करना होगा। साथ ही दो गज की दूरी भी रखना होगी।

इंदौर के मंदिर भी खुले

इधर, इंदौर से खबर है कि कलेक्टर मनीष सिंह के आदेश के बाद खजराना गणेश समेत सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दे दी गई है। हालांकि श्रद्धालुओं को तिलक लगाने और मंदिर में नाड़ा बांधने की पाबंदी रहेगी।

इस गाइडलाइन का पालन जरूरी

भक्तों और पुजारियों को कोविड 19 के नियमों का पालन करना होगा।
भक्तों के बीच दो गज की दूरी के साथ ही गर्भगृह में प्रवेश मिलेगा।
सभी भक्तों, पुजारियों को नाक और मुंह पर मास्क लगाना होगा।
धर्मस्थल पर अन्य क्षेत्र भी शुरू हो गए हैं, लेकिन दो गज की दूरी जरूरी रखी गई है।
सेनेटाइजर और हाथ धोने की व्यवस्था मंदिर के मुख्य द्वार पर भी रहेगी।
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