MP : इंदौर में कोरोना बेकाबू , फिर मिले 495 नये मरीज , 6 मौत : आंकड़ा पहुँचा 24970 : 19825 हुए ठीक

गुरुवार को इंदौर में अब तक के सबसे ज्यादा 495 नए मरीज सामने आए, जबकि 6 की मौत हो गई। यहां अब एक्टिव मरीज 4567 हो गए हैं। यहां अब तक 24970 संक्रमित मिल चुके हैं और 19825 ठीक हो चुके हैं। रिकवरी रेट 79.39 है। 578 मरीजों की मौत हो चुकी है। उधर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। गुरुवार सुबह खांसी और हाथ-पैर दर्द के बाद जांच करवाई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसके बाद वे आइसोलेट हो गए, लेकिन बुधवार तक पार्टी के सभी कार्यक्रमों और बैठकों में शामिल हुए।

जबलपुर: 172 नए केस, 3 मौत

जिले में गुरुवार को 172 नए मरीज मिले। 3 की मौत हुई। 212 लोग ठीक होकर घर लौटे। एक्टिव केस 1235 हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 10197 हो गई। अब तक 154 की मौत हो चुकी है।

ग्वालियर : 97 मरीज, 2 मौत

जिले में गुरुवार को 97 नए संक्रमित मिले और दो बुजुर्गों की मौत हो गई। मृतकों की संख्या 185 हो गई। अबतक 11621 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। अचलेश्वर न्यास के पूर्व सचिव व समाजसेवी संजय सूरी की दिल्ली में गुरुवार को मौत हो गई।

प्रदेश में कोरोना के नए केस : होशंगाबाद 49, बैतूल 49, सतना 33-1 मौत, देवास 33, सीधी 26, धार 26, नीमच 24-2 मौत, सीहोर 24, झाबुआ 23, उज्जैन 21, रीवा 20, हरदा 20, बड़वानी 19, विदिशा 18, खरगोन 16, रतलाम 13-1 मौत, गुना 13, पन्ना 13, राजगढ़ 8, रायसेन 7, मंदसौर 5, शिवपुरी 48, मुरैना 8, सागर 36-1 मौत, दमोह 34-1 मौत टीकमगढ़ 26, छतरपुर 6, श्योपुर 8, दतिया 7।

मास्क ही वैक्सीन है, सरकार बीमारी से नहीं बचा सकती, सक्षम सरकार की तरफ हाथ न फैलाएं : मो. सुलेमान

इंदौर प्र् त्योहारी सीजन आने और गांव से शहरों के बीच फसल खरीदी-बिक्री बढ़ने से अभी कोरोना और फैलेगा। यह बीमारी खत्म नहीं हुई है। ऐसे में जो लोग किसी वैक्सीन के आने का इंतजार कर रहे हैं, वह ध्यान रखें कि मास्क ही सबसे बड़ा वैक्सीन है। सरकार किसी को बीमारी से नहीं बचा सकती, बचाव इंसान खुद कर सकता है और वह तरीका मास्क ही है। यह बात स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मोहम्मद सुलेमान ने गुरुवार को मीडिया से चर्चा में कही।

उन्होंने होम आइसोलेशन में ऑक्सीमीटर की कमी पर कहा कि होम आइसोलेशन में सक्षम व्यक्ति ही रहता है। उन्हें उपचार के लिए सरकार की तरफ हाथ नहीं फैलाना चाहिए। जब वह बाहर बिना मास्क के घूमकर, लोगों के गले लगकर आए थे, तब सरकार से पूछ कर नहीं गए थे। वह महंगे टेस्ट करा सकते हैं तो फिर 800 रुपए का ऑक्सीमीटर भी ले सकते हैं। गरीब व्यक्ति का पूरा खर्च सरकार उठा रही है।

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