REWA : वर्दी ही नहीं, हमदर्दी भी / पिता की मौत के बाद पुलिस ने दिया मानवता का परिचय

रीवा पुलिस ने दिखाई मनावता, दरअसल शुक्रवार को 3 किलो गाजे के साथ एक युवक को चाकघाट पुलिस ने पकड़ा था, आज सुबह हार्ट अटैक के कारण उक्त युवक के पिता का देहांत हो गया, इसकी जानकारी जैसे ही थाना प्रभारी शैल यादव को मिली तो उन्होंने एसपी राकेश सिंह से युवक को उनके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल करने के लिए अनुमति मांगी । एसपी ने मानवता का परिचय देते हुए युवक को न्यायालय में पेश करने की बजाय पहले पिता के अंतिम संस्कार में  शामिल होने के लिए भेजा । पिता के अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया । जिन्हें जैसे ही पता चला कि जिस युवक को गांजा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। उन्होंने नियम कानून को दरकिनार करते हुए सबसे पहले पुत्र को उसके पिता के अंत्येष्टि में शामिल होने का न केवल अवसर उपलब्ध कराया बल्कि दाह संस्कार हो जाने के बाद पुत्र के विरुद्ध दर्ज मामले में उसे न्यायालय भी पेश कराया है। जहां से न्यायालय द्वारा उक्त आरोपित को जेल भेज दिया गया है। आरोपित की पहचान मनीष द्विवेदी पुत्र लालजी द्विवेदी उम्र 21 वर्ष निवासी चाकघाट के रूप में की गई है।

क्या था मामला

मामले की जानकारी देते हुए त्योंथर एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि बीती रात चाकघाट थाना प्रभारी शैल यादव को सूचना मिली थी कि मनीष द्विवेदी पुत्र लालजी द्विवेदी निवासी चाकघाट अपने घर में गांजा बेच रहा है। उक्त सूचना के आधार पर पुलिस ने रात में ही घर में दबिश दी। जहां पर मनीष द्विवेदी के कब्जे से 3 किलो गांजा बरामद किया गया था। जिस समय कार्रवाई की गई उस समय मौके पर मनीष द्विवेदी के पिता भी मौजूद थे हालांकि उनकी स्थिति यह नहीं थी कि वह चल फिर सके, लिहाजा उस मामले में आसपास के लोगों के बयान के आधार पर मनीष के पिता को आरोपित नहीं बनाया गया था। जब उसे थाने लाकर सुबह न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही थी। उसी समय चाकघाट थाना में सूचना पहुंची कि आरोपित के पिता की मौत हो चुकी है. 

सक्रिय हुए एसपी 

थाना प्रभारी एवं एसडीओपी त्योंथर ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी एसपी रीवा राकेश कुमार सिंह को दी। सूचना पाकर सक्रिय हुए एसपी रीवा तत्काल परिजनों से न केवल बात की बल्कि दाह संस्कार भी जल्द कराने की बात कही। इसी बीच उन्होंने यह निर्णय लिया कि पुलिस नियम का पालन कराने के लिए नहीं है बल्कि लोगों को न्याय दिलाना भी पुलिस की जवाबदारी होती है। लिहाजा उन्होंने पुलिस गिरफ्त में आए आरोपित मनीष द्विवेदी को उसके पिता के अंत्येष्टि में सम्मिलित होने होने का अवसर दिला दिया।

तब छोटे पुत्र ने दी मुखाग्नि

परिजनों की मांग थी कि बड़े पुत्र होने के कारण मनीष द्विवेदी ही अपने पिता को मुखाग्नि दें ,लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने साफ कर दिया कि वह मनीष द्विवेदी को केवल पिता के अंतिम संस्कार में सम्मिलित कराने के लिए लेकर आए हैं। जिसके तुरंत बाद वह न्यायालय में उन्हें पेश करेंगे। उसके बाद न्यायालय फैसला करेगी कि मनीष द्विवेदी को जमानत दी जाए या नहीं।

देनी पड़ती 13 दिन की मोहलत

 एसपी ने बताया कि अगर आरोपित मनीष द्विवेदी पिता को मुखाग्नि दे देता तो उसे 13 दिन की मोहलत देनी पड़ती। यह कानून के दृष्टिकोण से संभव नहीं था, लिहाजा मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए हमने मनीष द्विवेदी को उसके पिता के अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने का अवसर दिया और जिसके तुरंत बाद पुलिस ने कानून का पालन भी कर लिया।

वर्जन

आपने सुना होगा मध्य प्रदेश पुलिस का एक नारा यह भी रहा है कि वर्दी ही नहीं, हमदर्दी भी। उसी नारे को हमने आज चरितार्थ करने का प्रयास किया है और पुलिस समय समय पर मानवीय दृष्टिकोण से भी काम करती रही है।

राकेश कुमार सिंह, एसपी रीवा


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