MP : आइटम पर गर्माई सियासत : कमलनाथ ने कहा- मैंने कुछ गलत नहीं कहा, अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका हूं

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मध्यप्रदेश की मंत्री इमरती देवी पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की टिप्पणी के मुद्दे को भाजपा छोड़ने के मूड में नहीं है। ऐसे में अब नाथ पर हमले तेज कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कमलनाथ जी की निर्लज्जता की पराकाष्ठा है। बहन इमरती देवी के आंसू पूरे देश ने देखे हैं इसलिए वे किंतु-परंतु करने पर विवश हुए हैं, लेकिन यह माफी नहीं, उससे भी बड़ा पाप है। यह कमलनाथजी का अहंकार है। वे अपने से श्रेष्ठ किसी को नहीं मानते हैं। आखिर वे सीधे-सीधे माफी क्यों नहीं मांगते हैं? इधर, राहुल गांधी के नाराजगी वाले बयान के बाद भी कमलनाथ अपनी बात पर कायम हैं।

शिवराज ने कहा- इमरती का नाम तक याद नहीं

शिवराज ने कहा कि अब भी इमरती देवी का नाम याद नहीं है। 24 घंटे पूरे देश ने देखा है। आपके मंत्रिमंडल की सदस्य रही हैं। आइटम को जायज ठहरा रहे हैं। अब कह रहे हैं कि मैं भी आइटम हूं। मैं कमलनाथ से उम्मीद क्या करूं, लेकिन मैडम सोनिया गांधीजी से फिर अपील कर रहा हूं। मैंने पत्र लिखा है, लेकिन उत्तर नहीं मिला है। मैंने लिखा था कि अगर जवाब नहीं मिला तो मैं समझ जाऊंगा कि आप उनके बयान से सहमत हैं। उन्होंने मुझे भी पत्र लिखा है। मैं उनका जवाब दे रहा हूं। खुद अपराध करते हैं और मुझे गाली देने लगते हैं। मायावती ने अपने भावों को व्यक्त किया है। उनके बयान में दर्द छलका है।

कमलनाथ बोले- अपमानजनक शब्द नहीं कहा

कमलनाथ के बयान पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने सफाई दी कि आइटम अपमानजनक शब्द नहीं है। विधायक का नाम नहीं याद आ रहा था, इसलिए ऐसा बोल दिया। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं कहा। अपनी बात कह चुका हूं। मैंने राहुल गांधी से अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुझे माफी मांगने की जरूरत नहीं है। भाजपा मुद्दों को भटकाकर चुनाव को दूसरी ओर ले जाना चाहती है, लेकिन जनता सब जानती है।

राहुल गांधी का बयान

नाथ के आइटम वाले बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल ने कहा कि कमलनाथ भले ही मेरी पार्टी के हैं, वे चाहे जो भी हों, लेकिन जिस भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया है, मैं निजी तौर पर उसे पसंद नहीं करता।

महिला आयोग ने कहा पार्टी को सख्त कार्रवाई करना चाहिए

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि कमलनाथ माफी मांगने की बजाय बेतुकी सफाई दे रहे हैं। यह उनके लिए शर्मनाक है। ऐसे बयानों से व्यक्ति के चरित्र का पता चलता है। उनकी पार्टी को उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए।

ऐसे खड़ा हुआ पूरा विवाद

डबरा में चुनावी सभा के दौरान नाथ ने इमरती देवी का नाम लिए बिना उन्हें आइटम शब्द से संबोधित कर दिया था। वे वहां अपने उम्मीदवार सुरेश राजे के पक्ष में रैली को संबोधित कर रहे थे। उनके बयान का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने इसे महिला और दलित से जोड़ते सोमवार को प्रदेश भर में मौन व्रत किए। मामला बढ़ने पर नाथ ने कहा कि सफाई दी थी। हालांकि उन्होंने सीधे इमरती देवी का नाम लेकर माफी नहीं मांगी। भाजपा ने इसे भी अपना मुद्दा बना लिया।


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