REWA : प्रदेश की सबसे बड़ी नगर पंचायत डभौरा में 2011 की जनगणना के तहत वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया हुई पूरी



रीवा. प्रदेश के सबसे बड़ी नगर पंचायत का नवीन नगर पंचायत डभौरा में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई। वर्ष 2011 की जनगणना के तहत वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। कलेक्ट्रेट भवन में नगर पंचायत के आरक्षण की प्रक्रिया संयुक्त कलेक्टर एके झा और एसडीएम त्योथर संजीव कुमार पांडेय की मौजूदगी में पूरी हुई। सबसे पहले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए वार्डो को आरक्षित करने लॉटरी निकली गई। 

लॉटरी से पूरी की गई प्रक्रिया 
जिले में डभौरा पहली बार आरक्षण की प्रक्रिया की जा रही है। शासन स्तर पर फाइनल नोटीफिकेशन के बाद कलेक्ट्रेट में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी गई। आरक्षण प्रक्रिया लॉटरी से निकाली गई। सबसे पहले अनुसूचित जाति के दो वार्ड आरक्षित करने के लिए लॉटरी निकली गई। जिसमें 6 व 8 अनुसूचित जाति के लिए वार्ड आरक्षित हुआ। 6 नंबर अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित किया गया। इसी तरह अन्य वार्ड वार्डो का बारी-बारी से लॉटरी पद्धति से लॉटरी निकाल कर वार्ड आरक्षित किए गए। खास बात यह कि यह नवीन नगर पंचायत प्रदेश में सबसे बड़ी है। 

17 किमी एरिया में बसा है नगर पंचायत 
डभौरा समेत सात ग्राम पंचायतों को मिलाकर बनाय गया है। 17 से 20 किमी एरिया में नगर पंचायत के वार्ड हैं। यहां की आबादी वर्ष 2011 की गणना के अनुसार 21 हजार है। वर्तमान में 26 हजार से अधिक की आबादी हो गई है। नगर पंचायत के सीएमएमओ केएन सिंह ने बताया कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो गई है। अगली कार्रवाई के लिए शाासन की गाइड लाइन पर पूरी की जाएगी। 

पहली लॉटरी भोला ने निकाली 
कलेक्ट्रेट में नवीन नगर पंचायत की प्रक्रिया शुरू होते ही एससी-एसटी के लिए लॉटरी निकालने की कार्रवाई शुरू की गई। सबसे पहली लॉटरी भोला रजत ने निकाली। लॉटरी में वार्ड-6 आरक्षित निकली। इसी तरह बारी-बारी से सभी वर्गो के लिए आरक्षण की प्रक्रिया निकाल कर पूरी की गई। 

ऐसे हुआ आरक्षण 
अनुसूचित जाति---6, 7 (महिला--6)
अनुसूचित जनजाति 13,7,9,10(महिला--7,9)
अन्य पिछड़ा वर्ग--4,5,14,15 (महिला--5,14)
अनारक्षित महिला--1,12
अनारक्षित मुक्त--2,3,11

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