MP : खुलासा : मानव तस्करी के बाद अंतरराष्ट्रीय गिरोह बांग्लादेशी लड़कियों को ड्रग्स देकर करवाता था देह व्यापार


इंदौर. इंदौर पुलिस ने देह व्यापार में शामिल बांग्लादेशी लड़कियों को मुक्त तो करवा लिया लेकिन इस मामले में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। मानव तस्करी कर दे व्यापार कराने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के पकड़े जाने के बाद अब उसके तार ड्रग्स तस्करों से भी जुड़ रहे हैं। बांग्लादेश से लाई गई लड़कियों को ड्रग्स दे कर देह व्यापार कराया जाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में एक ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया है। हालांकि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी सागर जैन पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।

लड़कियों को दिया गया था ड्रग्स
बांग्लादेशी लड़कियों व मुंबई से इवेंट के लिए बुलाई गई दोनों मॉडलों को भी ड्रग्स दिया गया था। डीआइजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच व विजय नगर पुलिस की टीम ने मंगल सिटी मॉल के पीछे से अनिल पुरी निवासी पीथमपुर को पकड़ा है। वह मूलत सारंगपुर का रहने वाला है।

कार में मिली ड्रग्स
डीआइजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि कार की तलाशी लेने पर 19 ग्राम ड्रग्स मिला है। कार में सागर जैन और धर्मेंद्र जैन का आधार कार्ड मिला है। गाड़ी धर्मेंद्र के नाम पर रजिस्ट्रर्ड है। उन दोनों को कहने पर ही अनिल ड्रग्स की सप्लाई करता था। सूत्रों के अनुसार सागर जैन, अनिल को ड्रग्स देने आया था।

कोडवर्ड में म्याऊं-म्याऊं
मेफेडोन (एमडी) एक तरह का सिंथेटिक ड्रग्स है। एमडी को कोड वर्ड में म्याऊं-म्याऊं भी बोलते हैं। अलग-अलग लोगों ने इसे अन्य कोड वर्ड दिए हैं। जानकारों के अनुसार, इसका सबसे ज्यादा उत्पादन नाइजीरिया और अफगानिस्तान में होता है। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग इसका काफी इस्तेमाल करते हैं। ज्यादा मात्रा में इस ड्रग्स का इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है।

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