REWA : घोटाला : TRS प्राचार्य समेत जिम्मेदार प्रभार में रहने वाले प्रोफेसर्स ने किया करोड़ों रुपए का बंदरबांट



ऋतुराज द्विवेदी,रीवा। शासकीय स्वशासी टीआरएस कालेज में जनभागीदारी मद से आने वाले राशि को भ्रष्टाचार का प्रमुख माध्यम बनाया गया। कालेज में जो भी प्राचार्य और प्रोफेसर्स जिम्मेदारी वाले प्रभारों में रहे सभी ने मिलकर पूरे मामले में करोड़ों रुपए का बंदरबांट किया है। जांच में मामला सामने आने के बाद संभागायुक्त ने तत्कालीन प्राचार्य एवं प्रोफेसर्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कहा कि ठोस जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।

बीते मार्च महीने में कालेज के प्राचार्य डॉ. रामलला शुक्ला को हटाते हुए अर्पिता अवस्थी को प्रभार दिया गया। उन्होंने कालेज की कैशबुक एवं अन्य प्रमुख दस्तावेजों का परीक्षण किया तो पता चला कि बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता की गई है। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग उठाई। कलेक्टर ने अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया, जिसमें करीब महीने भर से अधिक समय तक टीम ने नियमित रूप से दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।

इस जांच में व्यापक पैमाने पर करोड़ों रुपए की आर्थिक अनियमितता का उल्लेख किया गया है। अब कार्रवाई के लिए संभागायुक्त के पास प्रतिवेदन पहुंचा है। जिस पर संभागायुक्त ने रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रोफेसर्स एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कालेज का विकास कराने के बजाय स्वयं ले लिया भत्ता
नए प्राचार्य के आने के बाद पता चला कि कालेज में गोपनीय लिफाफे के नाम पर राशि का बंदरबांट किया जा रहा था। यह राशि नियमों के अनुसार कालेज के विकास में खर्च की जानी चाहिए लेकिन तत्कालीन प्राचार्य एवं प्रोफेसर्स ने अपनी जेब भरने के लिए इसे भत्ते के रूप में हासिल किया। नोटिस में संभागायुक्त ने इस बात का उल्लेख किया है कि शासन का नियम है कि व्यय सामान्य परिषद द्वारा अनुमोदित बजट तथा प्रबंध समिति द्वारा इस हेतु वित्त समिति की अनुशंसा पर बनाए गए नियमों में निर्धारण प्रक्रिया के अनुसार महाविद्यालय के अधोसंरचना विकास में राशि खर्च की जाएगी। यहां पर जनभागदारी निधि को मानदेय के भुगतान को लाभ का स्त्रोत बनाया गया।

गोपनीय लिफाफे से मिले इस भुगतान पर नोटिस

- डॉ. सत्येन्द्र शर्मा- 14.99 लाख
- डॉ. एसयू खान- 52.31 लाख
- डॉ. रामलला शुक्ला- 1.39 करोड़
- डॉ. कल्पना अग्रवाल- 34.19 लाख
- डॉ. सुनील कुमार दुबे- 26.93 लाख
- डॉ. आरएन तिवारी- 29.65 लाख
- डॉ. संजय सिंह- 30.26 लाख
- डॉ. आरके धुर्वे- 21.67 लाख
- डॉ. आरपी चतुर्वेदी- 11.27 लाख
- डॉ. अजय शंकर पाण्डेय- 10.11 लाख
- डॉ. एसएन पाण्डेय- 8.82 लाख
- डॉ. अवध शुक्ला- 6.25 लाख
- डॉ. एचडी गुप्ता- 3.32 लाख
- डॉ. अभिलाषा गौतम- 3.31 लाख
- प्रियंका मिश्रा, श्रमिक- 2.57 लाख
- प्रभात प्रजापति, श्रमिक- 1.04 लाख
- रामप्रकाश चतुर्वेदी, भृत्य- 2.95 लाख

 कुल--- 3.78 करोड़

नोट-- सत्येन्द्र शर्मा एवं एसयू खान तत्कालीन प्राचार्य रहे हैं, दोनों सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।

टीआरएस कालेज में आर्थिक अनियमितता की शिकायत पर जांच कराई गई थी। जांच दल द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर कालेज के प्रोफेसर्स और कर्मचारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। उनका जवाब आने के बाद अगली कार्रवाई तय की जाएगी।

राजेश कुमार जैन, संभागायुक्त रीवा

हमारी लेटेस्ट खबरों से अपडेट्स रहने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी जुड़ें:

FacebookInstagramGoogle News ,Twitter

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ जुड़े हमसे  

Powered by Blogger.