टैलेंट के मामले में टाप 10 में भी नहीं आते मध्य प्रदेश के युवा : SKILLS REPORT

भोपाल। तथ्य चिंतित करने वाले हैं, क्योंकि कौशल विकास की तमाम योजनाओं के बाद भी मध्यप्रदेश के युवा टैलेंट के मामले में टाप 10 में भी नहीं आते। इंडिया स्किल रिपोर्ट 2020 में यह तथ्य सामने आया है। यह रिपोर्ट वी बाक्स नामक संस्था ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, भारतीय विश्वविद्यालय संघ और यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम के साथ मिलकर देशभर के तीन लाख छात्रों पर सर्वे कर तैयार की है।

रिपोर्ट में सिर्फ टाप 10 राज्यों के बारे में ही बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक गहन सोच(क्रिटिकल थिंकिंग) के मामले में टाप तीन राज्य राजस्थान, तेलंगाना और दिल्ली हैं। बिजनेस कम्युनिकेशन में तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली आगे हैं। कंप्यूटर स्किल में पश्चिम बंगाल, राजस्थान और दिल्ली ने टाप तीन में जगह बनाई है। वहीं न्यूमेरिकल में तेलंगाना, राजस्थान और महाराष्ट्र आगे हैं।

सिर्फ 46 प्रतिशत छात्र नौकरी लायक

रिपोर्ट में 28 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों के तीन लाख छात्रों पर सर्वे किया है। देश भर में विभिन्न सेक्टरों के 46 प्रतिशत छात्र ही नौकरी देने लायक थे।

पिछले साल से कम हो गए रोजगार लायक छात्र

साल-- छात्रों का प्रतिशत

2014-- 33.95

2015-- 37.22

2016-- 38.12

2017-- 40.44

2018-- 45.60

2019-- 47.38

2020-- 46.21

इंजीनियरिंग, साइंस में घटे, एमबीए और कामर्स में बढ़े रोजगार लायक छात्र (प्रतिशत में)

कोर्स-- 2014-- 2015-- 2016-- 2017-- 2018-- 2019-- 2020

बीई/बीटेक-- 51.74-- 54.00-- 52.58-- 50.69-- 51.52-- 57.09-- 49

एमबीए-- 41.02-- 43.99-- 44.56-- 42.28-- 39.4-- 36.44-- 54

बी आर्ट्स-- 19.10-- 29.82-- 27.11-- 35.66-- 37.39-- 29.3-- 48

बीकाम-- 26.59-- 26.45-- 20.58-- 37.98-- 33.93-- 30.06-- 47

बीएससी-- 41.92-- 38.41-- 35.24-- 31.76-- 33.62-- 47.37-- 34

पालीटेक्निक-- 11.53-- 10.14-- 15.89-- 25.77-- 32.67-- 18.05-- 32

बीफार्मा-- 54.65-- 56.00-- 40.62-- 42.30-- 47.78-- 36.29-- 45

सबसे ज्यादा नौकरी देने वाले सेक्टर

साल-- सेक्टर

2020-- बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा, बीपीओ, केपीओ, आइटी

2019-- बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर निर्माण

2018-- बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा, खुदरा

2017-- आइल, गैस, स्टील मिनरल, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर

2016-- रिटेल-ईकॉमर्स, ट्रांसपोर्ट, फार्मा, हेल्थकेयर

2015-- आइल, गैस, बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा, हॉस्पिटेलिटी

2014-- बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा, फार्मा, हेल्थकेयर, टेलीकाम

सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले राज्य

राज्य-- प्रतिशत

महाराष्ट्र-- 67.49

तमिलनाडूू-- 62.97

उत्तर प्रदेश-- 61.78

आंध्रप्रदेश-- 53.56

कर्नाटक-- 52.83

तेलंगाना-- 50.39

दिल्ली-- 49.99

राजस्थान- 38.09

पश्चिम बंगाल-- 37.30

गुजरात-- 30.39

रोजगार देने वाले टाप 10 शहर, मप्र का एक भी नहीं

शहर-- प्रतिशत

मुंबई-- 70.27

हैदराबाद-- 66.52

पुणे-- 63.20

दिल्ली-- 62.86

बेंगलुरु -- 54.83

चेन्नई-- 49.31

मेंगलुरु-- 48.09

विशाखापट्टनम-- 46.09

लखनऊ-- 40.00

कोयंबटूर-- 33.79

कौशल विकास की पांच प्रमुख योजनाएं चल रही हैं मप्र

- शिल्पकार प्रशिक्षण योजना

- मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना

- मुख्यमंत्री कौशल्या योजना

- शिक्षुता प्रशिक्षण योजना

- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

प्रतिबद्घता की कमी

इस रिपोर्ट के तथ्य से कोई आश्चर्य नहीं होता। इसकी वजह यह है कि मप्र में किसी भी सेक्टर में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चाहे शिक्षा हो या अन्य बुनियादी सुविधाएं। योजनाएं सिर्फ कागज पर हैं। इसका लाभ जनता को नहीं मिलता। इसके साथ ही क्रियान्वयन करने वालों में प्रतिबद्घता की कमी है।

केएस शर्मा, पूर्व मुख्य सचिव, मप्र


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