REWA : कालेजों में CLC का तीसरा चरण शुरू, TRS में खाली रह गई हैं सीटें, GDC और माडल साइंस में डिमांड सबसे अधिक


रीवा। कालेजों में प्रवेश की प्रक्रिया करीब डेढ़ महीने से अधिक समय तक अपनाई गई, इसके बावजूद सभी छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाया है। लगातार उठती मांगों के चलते सरकार ने कालेज लेवल काउंसिलिंग का तीसरा चरण शुरू कर दिया है। शुक्रवार से इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। जिन छात्रों ने अब तक आनलाइन फार्म नहीं भरा था उन्होंने आवेदन करना शुरू कर दिया है। साथ ही छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन भी शुरू किया गया है।

बताया गया है कि नौ अक्टूबर से शुरू हुई सीएलसी तीसरे चरण की प्रक्रिया में आगामी 15 अक्टूबर तक यूजी कक्षाओं की खाली रह गई सीटों का पोर्टल पर प्रदर्शन, आनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों का सत्यापन एवं च्वाइस फिलिंग आदि का कार्य किया जाएगा। इस प्रक्रिया में शामिल छात्रों की 19 अक्टूबर को कालेजों द्वारा सीएसली के तीसरे चरण की मैरिट सूची जारी होगी। छात्रों को 19 से 26 अक्टूबर तक प्रवेश के लिए आवंटित सीटों में संबंधित महाविद्यालयों में डिजिटली आनलाइन शुल्क का भुगतान करने का अवसर दिया गया है। इसी तरह पीजी कक्षाओं में भी प्रवेश की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 अक्टूबर तक सीएलसी दूसरे चरण की प्रक्रिया चलेगी।

इसके बाद 14 अक्टूबर से नए सिरे से सीएलसी का तीसरा चरण प्रारंभ होगा। जिसमें पीजी कक्षाओं में खाली सीटों की संख्या का प्रदर्शन, आनलाइन रजिस्ट्रेशन, दस्तावेजों का सत्यापन एवं अन्य कार्य 14 से 20 अक्टूबर तक किए जाएंगे। २४ अक्टूबर को मेरिट सूची का प्रकाशन होगा और २९ तक शुल्क जमा कर सकेंगे।

कालेजों में भीड़ जमा नहीं हो, व्यवस्था के निर्देश
पूर्व में कालेजों में बड़ी संख्या में छात्रों की भीड़ जमा हुई थी। कोरोना संक्रमण के इस दौर में सरकार ने सारी प्रक्रिया आनलाइन कर दी है ताकि छात्रों को कालेज जाने की आवश्यकता नहीं पड़े। यहां तक की सीएलसी की प्रक्रिया भी आनलाइन अपनाई जा रही है। सीएलसी के तीसरे चरण में भी कालेजों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वह व्यवस्थाएं बनाएं ताकि कोरोना का संक्रमण नहीं फैले। उच्च शिक्षा के अतिरिक्त संचालक डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि सभी कालेजों के प्राचार्यों को शासन की ओर से भी गाइडलाइन जारी की गई है और वह स्वयं चर्चा कर सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोरोना गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने के लिए कह रहे हैं। पूर्व में कई ऐसे छात्र थे जिनके दस्तावेज आनलाइन उपलब्ध नहीं होने से कालेजों तक सत्यापन के लिए पहुंचना पड़ रहा था।

छात्राओं के प्रवेश की सबसे बड़ी समस्या, जीडीसी में कम सीटें
प्रवेश के लिए सबसे अधिक समस्या छात्राओं के सामने है। जो छात्राएं अपने लिए सुरक्षित कैम्पस की तलाश में कन्या महाविद्यालय में प्रवेश की इच्छा रख रही थी उनमें अधिकांश को मायूषी हाथ लगी है। सैकड़ों की संख्या में ऐसी छात्राएं हैं जिन्हें प्रवेश नहीं मिल पाया है। सीएलसी दूसरे चरण के बाद कालेज की खाली सीटों की स्थिति के मुताबिक कई कक्षाओं में सीटें खाली रह गई हैं लेकिन आवेदन करने वाली छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाया है। अब उन सभी को सीएलसी के तीसरे चरण में शामिल होना होगा। बताया गया है कि बीएससी बाटनी, केमेस्ट्री, जुलाजी में 218 सीटें थी जिसमें 198 भर चुकी हैं। बीएससी मैथ ग्रुप में 69 में 65 प्रवेश हो चुके हैं। बीएससी बायोटेक्नालाजी ग्रुप में 69 में 62, बीएचएससी में 65 में 25 सीटें भरी हैं, इसमें अभी 40 खाली हैं। बीकाम कामर्स में 263 में 244 सीटें भर चुकी हैं केवल 19 खाली रह गई हैं। इसमें डिमांड सबसे अधिक बताई जा रही है। बीकाम सीए में 156 में 116 सीटें भर चुकी हैं। बीए में 625 में 605 सीटें फुल हो चुकी हैं। 

सीएलसी का तीसरा चरण प्रारंभ हो चुका है। कई कक्षाओं में कम संख्या में सीटें बची हैं। प्रवेश के लिए छात्राएं बड़ी संख्या में प्रतीक्षारत हैं। शासन ने सीट बढ़ाने का आदेश दिया है, उम्मीद है कि सभी को प्रवेश मिल सकेगा। 

डॉ. नीता सिंह, प्राचार्य जीडीसी रीवा

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