MP : जीत के दावों के बीच असमंजस / उपचुनाव में बंपर मतदान, एक तरफा हो सकते हैं रुझान

भोपाल।। 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में बंपर मतदान ने राजनीतिक दलों को अभी तक असमंजस में रखा है। जीत के दावे भाजपा और कांग्रेस दोनों ओर से किए जा रहे हैं, लेकिन यह डर भी कहीं यह बंपर मतदान किसी दल के पक्ष में एक तरफा हुआ तो नतीजे अप्रत्याशित हो सकते हैं। उपचुनाव में 70.27 फीसद मतदान हुआ था, जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में इन क्षेत्रों में 72.93 फीसद लोगों ने वोट डाले थे।

भाजपा की स्थिति कांग्रेस के मुकाबले मजबूत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा में सदस्य संख्या के आधार पर भाजपा की स्थिति कांग्रेस के मुकाबले मजबूत है। भाजपा को कुछ सीटें जीतने पर भी सरकार में बने रहने का अवसर मिल सकता है जबकि कांग्रेस को सभी 28 सीटें जीतनी होंगी।

दल बदलना सामान्य बात

वहीं, मध्य प्रदेश की राजनीति में दल बदलना सामान्य बात होती जा रही है। यह मुद्दा भी उपचुनाव में कांग्रेस ने जोर-शोर से उठाई थी और इसे जनता और लोकतंत्र बचाने वाला करार दिया था।

यह माना जाएगा कि जनता ने दलबदल को नकार दिया

यदि कांग्रेस को बहुमत मिलता है तो यह माना जाएगा कि जनता ने दलबदल को नकार दिया है, लेकिन भाजपा की सरकार बरकरार रहेगी तो यह संदेश जाएगा कि मतदाताओं ने शिवराज सिंह चौहान की नीतियों को समर्थन दिया है। इतने अधिक वोट प्रतिशत के बाद भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को सहेजना शुरू कर दिया था।

किसी दल को जीत का स्पष्ट भरोसा नहीं

यह भी स्पष्ट संकेत कहा जा सकता है कि किसी दल को जीत का स्पष्ट भरोसा नहीं है। मंगलवार को जनता का फैसला सामने होगा और यह तय हो जाएगा कि प्रदेश की कमान कौनसा दल संभालेगा। उधर, भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के जीत के दावे जारी हैं।

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