चाणक्य निति : कोई लड़की आपके इमोशंस के साथ तो नहीं खेल रही !


आचार्य चाणक्य जी बहुत ही एक महान विभूति हुए. जिन्होंने Chanakya neeti अपनी वाक् विद्वता द्वारा बुद्धिमता और अपनी क्षमता के बल पर पूरे भारतीय इतिहास की धारा और परिभाषा को परिवर्तित ही कर दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक भी थे चाणक्य।

जो कुशल राजनीतिज्ञ प्रकांड अर्थशास्त्री और चतुर कूटनीतिज्ञ के रूप में Chanakya neeti पूरे विश्व मेजन अपनी ख्याति की छाप को छोड़ दी।

आज इतने वर्षों के बाद भी हम सभी चाणक्य के द्वारा बताए गए सिद्धांत तथा उनकी नीतियों का सम्मान करते हैं।

इसलिए क्योंकि चाणक्य ने अपने गहन अध्ययन और चिंतन तथा अपने अनुभवों से पाए ज्ञान को पूर्ण रूप से नि:स्वार्थ होकर मानवीय कल्याण के लिए से अभिव्यक्त कर दिया.

“Chanakya neeti”  आचार्य श्री चाणक्य जी द्वारा की गई एक महत्वपूर्ण नीतियों का बहुत ही अद्भुत संग्रह है।

जो आज भी उतना ही पमह्त्वपूर्ण है जितना वह वर्षों पहले था जब इस ग्रन्थ को लिखा गया था ।
आचार्य चाणक्य द्वारा दुश्मन से लेकर मित्र-भेद तक की पहचान तथा चरित्र हीन और पति-परायण स्त्रियों में विभेद.

एक राजा का कर्तव्य और जनता के प्रति उसके अधिकारों तथा वर्ण व्यवस्था का बहुत ही उचित निदान हो जाता है।

आचार्य चाणक्य की ‘Chanakya neeti‘ में दिए गए कुल सत्रह अध्याय है। उनमे से आज हम आपको स्त्री चरित्र के बारे में बातएंगे।

यहाँ पर स्त्री समाज पर कोई आपेक्ष नहीं किया जा रहा है। बस यही हम बताने का प्रयास कर रहे हैं।
की कैसे एक सुव्यवस्थित तरीकों से एक स्त्री और एक पुरुष को आपस में रहना चाहिए.
जिससे उनके वैवाहिक और पारिवारिक जीवन सुखमय बीत सके।

Chanakya neeti के द्वारा कोई भी किसी के आचार व्यव्हार को जान सकता है। जान सकता है कौन  उसका शत्रु है कौन  उसका मित्र।

आप जीवन में कभी धोखा नहीं खाएंगे।

महान पंडित चाणक्य जी द्वारा महिलाओं के बारे में बहुत ही कुछ कहा गया है।
चाणक्य द्वारा उनका स्वभाव फितरत सोच और एक स्त्री किस समय किस तरह से बर्ताव करती हैं आदि-आदि.

इन सभी बातों पर खास अध्ययन किया गया है चाणक्य।

आप चाणक्य द्वारा लिखी गई उनकी पुस्तकों Chanakya neeti को इस लिंक पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं. 

महान  पंडित चाणक्य बताते हैं कि
1- कोई भी महिला भरोसा करने लायक होतीं ही नहीं।
हो सकता है इसे पढ़कर शायद आप गुस्सा कर रहे हों. परन्तु चाणक्य द्वारा ऐसा कहने के पीछे भी बहुत ही ठोस तथ्य शामिल अवश्य हैँ।
इस प्रकार इसलिए कहा गया है,
क्योंकि महिलाएं कोई भी बात अपने तक बहुत अधिक समय तक कभी रख ही नहीं पातीं। 
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