SATNA : रोपवे कंपनी पर भड़के चित्रकूट विधायक बोले- सात दिन में स्थानीय लोगों को काम पर नहीं रखा तो लगा दूँगा ताला


सतना. हनुमानधारा चित्रकूट में नवनिर्मित रोपवे का संचालन कर रही कंपनी द्वारा लोकल कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने से भड़के चित्रकूट विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने गुरुवार को कंपनी प्रबंधन एवं कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने रोपवे प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता किसी की हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। यह चित्रकूट है। यहां कलेक्टर, एसपी, एसडीएम की नहीं चलती। तुम बाहर से आकर नोट छापो और लोकल लड़के भूखे मरे, एेसा नहीं चलेगा। रोपवे का संचालन करना है तो सात दिन का समय देता हूं। यदि रोपवे में स्थानीय लोगों को काम नहीं दिया गया तो रोपवे में ताला लगाकर इसी से सभी को कोलकाता भेज दूंगा। 

रोपवे कार्यालय पहुंचे विधायक ने कहा कि मुझे मालूम है कि बड़े-बड़े लोगों से रोपवे का लोकार्पण कराया गया है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अपने मालिक को यह संदेश दे देना कि चित्रकूट में बाहर के कर्मचारी नहीं चलेंगे।

प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों को रोजगार का वादा
चित्रकूट स्थित हनुमानधारा में निजी निवेश के तहत दामोदर रोप-वे एण्ड इन्फ्रा लिमि. कंपनी यहां मोनो केबल रोपवे का संचालन कर रही है। जब कंपनी ने यहां रोपवे संचालन के लिए शासन को प्रोजेक्ट सौंपा था, उसमें स्थानीय लोगों को रोजगार दिए जाने का स्पष्ट उल्लेख था। रोपवे निर्माण का काम पूरा होने के बाद जब कंपनी ने इसका संचालन प्रारंभ करने की तैयारी की तो शुरुआती दौर में कुछ स्थानीय लोगों को रोजगार दिया भी। अब कंपनी ने इन स्थानीय लोगों को नौकरी ने निकालना शुरू कर दिया है। इसी की जानकारी स्थानीय विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के पास पहुंची तो उन्होंने इसे आड़े हाथों लिया।

खामियां सुधारें
कांग्रेस विधायक चतुर्वेदी ने रोपवे की तकनीकी खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों की जान जोखिम में डालकर रोपवे का संचालन नहीं करने देंगे। पहले तकनीकी समस्याओं को ठीक कराओ। रोपवे की तार लूज है। तकनीकी रिपोर्ट ओके आने पर ही संचालन शुरू करंे।

उद्घाटन में भी विधायक को नहीं बुलाया था
गत दिनों हनुमानधारा में सांसद गणेश सिंह ने दमोदर रोपवे का उद्घाटन किया था। कार्यक्रम में कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, सीएमओ एवं दमोदर रोपवे के अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन ने क्षेत्रीय विधायक को कार्यक्रम में बुलाना उचित नहीं समझा था। विधायक के करीबी सूत्रों की मानें तो हनुमानधारा राजघराने का है। रोपवे की सौगात भी चित्रकूट विधायक के प्रयास से ही मिली है, लेकिन सत्ता के चले जाने से कार्यक्रम में विधायक की अनदेखी की गई है।
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