MP : फर्जी इंश्योरेंस कंपनी के नाम पर संचालित कॉल सेंटर में छापा, बंद पड़ी पॉलिसियों के नाम पर करोड़ों ठगे : एक दर्जन युवक-युवती हिरासत में

इंदौर। इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यू करने और लैप्स हो चुकी पॉलिसी को दोबारा एक्टिव करने के नाम पर देश भर में ठगी कर रहे गिरोह के दिल्ली स्थित ऑफिस पर इंदौर सायबर सेल पुलिस ने दबिश दी है। करीब एक दर्जन से ज्यादा युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीनियर सिटीजन के डेटा चुराने के बाद उनकी पॉलिसियों को लेकर इंश्योरेंस कंपनियों के कर्मचारी बनकर ये बदमाश उनसे ठगी करते थे। इस गैंग ने इंदौर, रायसेन और उज्जैन में कई लोगों को ठगा है।

साइबर सेल एसपी जीतेंद्र सिंह ने बताया कि इंदौर साइबर सेल को प्रमोद वाकणकर ने शिकायत की थी कि उनकी लैप्स हो चुकी इंश्योरेंस पॉलिसी को दोबारा एक्टिव कर उन्हें पॉलिसी का पैसा दिलवाने के नाम पर इस गिरोह ने 23 लाख 63 हजार रुपए ठग लिए थे। टीआई अंबरीश मिश्रा की टीम ने पड़ताल की, तो पता चला गिरोह का संचालन दिल्ली में ओखला से हो रहा है। इसे आरोपी अभिषेक दीवान व हरीश दीवान संचालित कर रहे थे। दोनों को सितंबर 2019 में गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन इनसे जुड़े प्रदीप (33) पिता राजेंद्र प्रसाद निवासी अली विहार नई दिल्ली, सुमित (25) पिता गुलशन मलिक निवासी आईटी एक्सटेंशन दिल्ली और आत्मदेव (28) पिता रामकिशन सिंह निवासी दिल्ली इस रैकेट को संचालित कर रहे हैं। टीम ओखला पहुंची और तीन दिन रैकी करने के बाद अड्डे पर दबिश दी।

पुलिस ने तीनों को पकड़ा और इनके द्वारा संचालित इंश्योरेंस कंपनी का फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा। यहां टीम ने एक साथ कार्रवाई की, तो एक दर्जन युवक-युवती लोगों को उनकी पॉलिसी के नाम पर ठगी करते मिले। प्रदीप प्रसाद पर 5 हजार का इनाम भी घोषित था। आरोपियों ने इंदौर में की गई ठगी की राशि से एक आई-20 कार खरीदी थी। टीम ने वह जब्त कर ली है। बदमाशों ने इंदौर के अलावा कई शहरों में करोड़ों की ठगी का बातें कबूली हैं।

ओखला थाने के पास ही संचालित हो रहा था कॉल सेंटर

साइबर सेल की टीम ने जिस कॉल सेंटर पर दबिश दी, वह दिल्ली में ओखला थाने की बिल्डिंग के पास ही चल रहा था। कई पुलिस वालों को जानकारी थी फिर भी उन्होंने कार्रवाई नहीं की। साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को यह जानकारी दे दी है।

एसपी ने बताया कि आरोपी प्रदीप प्रसाद इंदौर में हुई ठगी में आरोपी था। इसके खाते की जानकारी निकाली, तो 2 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला। दिल्ली में इसकी रैकी की, तो पता चला इसी ने लाइव कॉलिंग इंश्योरेंस कंपनी के नाम से कॉल सेंटर शुरू किया था।

इंश्योरेंस कंपनियों से नौकरी छोड़ने वाले ट्रेंड लोगों को ही ये सेंटर में अच्छे पैकेज पर रखते थे। ये कर्मचारी आईआरडीए और आरबीआई इंश्योरेंस रेग्यूलेटरी अथॉर्टी का नाम लेकर लोगों को ठगते थे।

प्रदीप, सुमित मलिक व आत्मदेव हैदराबाद में 75 लाख की ठगी में गिरफ्तार हो चुके हैं।

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