REWA : दिवाली में जगमग हुआ रीवा : आज दीप जलाकर सुख समृद्धि की करेंगे कामना : घर-घर होगी माँ लक्ष्मी की पूजा


ऋतुराज द्विवेदी,रीवा. दीपावली का पर्व आज दीप जलाकर सुख समृद्धि की करेंगे कामना, घर-घर होगी लक्ष्मी पूजा बाजार में पूजन सामग्री व मिठाई के लिए उमड़ी भीड़ विशेष मुहूर्त में आज होगी गणेश लक्ष्मी की पूजा धूमधाम से मनाया जाएगा। दीप जलाकर लक्ष्मी व गणेश की पूजा कर सभी की सुख समृद्धि की प्रार्थना की जाएगी। पांच दिवसीय पर्व दीपावली के एक दिन पहले बाजार में लक्ष्मी एवं गणेश प्रतिमाओं को खरीदने लोग बाजार में उमड़ पड़े। इससे बाजार में व्यापक भीड़ रही है। दीपावली पर्व में शाम को ६.३३ बजे से शुभ मुहूर्त है। इस तरह 40 वर्षों के बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब धनतेरस का पर्व दीपावली से 1 दिन पूर्व मनाया जाएगा। इस दिन कुबेर के साथ लक्ष्मी का पूजन किया जाना उत्तम होगा।

बताया जा रहा है कि प्राचीन मान्यता है कि त्रेतायुग में भगवान राम कार्तिक कृष्ण अमावस्या पर 14 वर्ष का वनवास समाप्त कर तथा रावण पर विजय प्राप्त कर अयोध्या वापस आए थे। उनके स्वागत में अयोध्या वासियों ने दीप मालाएं जलाकर उत्सव मनाया। वहीं दूसरी ओर वैदिक कालीन मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या को देवी महालक्ष्मी का समुद्र से प्राकट्य हुआ था।


इसीलिए इस तिथि को लक्ष्मी पूजन एवं दीपमालिका प्रज्ज्वलित करने का विधान है। शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजन करने से लक्ष्मी प्रसन्न होकर सुख समृद्धि देती हैं। दीपावली के दिन लोगों को चार घंटे पटाखे फोडऩे के लिए समय निर्धारित किया गया है। रात १० बजे के बाद पटाखे फोडऩे पर शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बाजार में १०० डेसीबल से अधिक ध्वनि करने वाले पटाखों को प्रतिबंधित किया गया है। इसका विक्रय करने पर विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पटाखा बाजार में उपलब्ध पटाखों का निरीक्षण करेगी।

दीपावली पर्व 
आज 14 नवम्बर को दीपावली पर्व मनाया जाएगा। प्रदोष कालीन अमावस्या तिथि 14 नवंबर को दोपहर 2.17 से प्रारंभ हो जाएगी और 15 नवंबर को प्रात: काल 10.36 तक व्याप्त रहेगी। 14 नवंबर को प्रदोष काल के साथ अमावस्या की गोधूलि बेला, सर्वार्थ सिद्धि योग, स्थिर लग्न वृषभ तथा शुभ चौघडिय़ा के संयोग में लक्ष्मी पूजन का विशिष्ट मुहूर्त है।

गोवर्धन पूजा 
दीपावली महापर्व के चौथे दिन को गोवर्धन पूजा के रूप में मनाया जायेगा। 15 नवंबर को प्रतिपदा तिथि प्रात: काल 10.36 बजे से प्रारंभ होगी जो कि 16 नवंबर को प्रात: काल 7.00 बजे तक संचरण करेगी। इसलिए गोवर्धन पूजा 15 नवंबर को संपन्न होगा।

भाईदूज 
दीपावली महापर्व का समापन भाई दूज के साथ होता है। इस वर्ष 16 नवंबर को कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 7. 00 बजे से प्रारंभ हो जाएगी।

मिठायों की दूकान में दिखीं भीड़ 


जेवेलरी की दुकानों में का एक नज़ारा 


आकाश गंगा मोबाइल शॉप में  ग्राहकों की खरीदारी 


मिट्टी की दीपक लेती छोटी बच्चियां 


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